सोनू वर्मा, नूंह। जिले के बहुचर्चित मासूम दुष्कर्म एवं हत्या मामले में विशेष पोक्सो अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 1.30 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने करीब डेढ़ वर्ष में सुनवाई पूरी कर यह फैसला सुनाया, जिसे त्वरित न्याय की दिशा में अहम माना जा रहा है।
मामला नवंबर 2024 में पिनगवां थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जब एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर पीड़ित परिवार के गांव का आरोपी गांव के पास पहाड़ी क्षेत्र में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म कर निर्मम हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और यह मामला लंबे समय तक चर्चा में बना रहा। सूचना मिलते ही नूंह पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर फोरेंसिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य प्रमाण जुटाकर मजबूत केस तैयार किया। जिसके आधार पर 18 अप्रैल को अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
इसके बाद 22 अप्रैल को विशेष पोक्सो अदालत ने भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को आजीवन कारावास, सात वर्ष और पांच-पांच वर्ष की सजा समेत सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए।

अदालत ने दोषी पर कुल 1 लाख 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले को बाल अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने फैसले का स्वागत करते हुए पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी की सराहना की है।फोटो कैप्शन/ आरोपी को जेल ले जाते हुए पुलिस कर्मी।
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