दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज (Lavkesh Bajaj ) के सभी 5 होटलों को बंद करा दिया है। घटना के बाद जांच तेज कर दी गई है और कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, होटल के संचालन और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी जय मिश्रा (Jay Mishra) के पास थी। प्रारंभिक जांच और होटल मालिक से पूछताछ के आधार पर यह सामने आया है कि जय मिश्रा ही सभी व्यवस्थाओं को संभाल रहा था। इतना ही नहीं, होटल का लाइसेंस भी कथित तौर पर उसके नाम पर ही जारी कराया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जय मिश्रा की तलाश शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी लवकेश मालवीय नगर का ही रहने वाला है और पहले वह हौजकाजी इलाके में हार्डवेयर की दुकान चलाता था। बताया जा रहा है कि दुकान चलाने के दौरान उसने उसी परिसर के ऊपर कमरे बनाकर उन्हें किराये पर देना शुरू किया, जिसके बाद उसने होटल व्यवसाय की शुरुआत की। वर्तमान में उसके तीन होटल संचालित हैं, जबकि दो अन्य का निर्माण या काम चल रहा है। घटना के बाद प्रशासन ने सभी होटलों को खाली करवाकर बंद करा दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन होटलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किन स्तरों पर और किन लोगों की मिलीभगत से हुई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के दौरान पुलिस को चार भरे हुए गैस सिलेंडर भी बरामद हुए हैं ।
होटल मालिक को 4 दिन की हिरासत
होटल में हुए अग्निकांड मामले में गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने होटल मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने लवकेश बजाज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई मामले की प्रारंभिक जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
मालवीय नगर के हौज रानी स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड में मृत 21 लोगों के शवों के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया जारी है। अब तक 12 शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, जबकि नौ शवों की जांच अभी बाकी है। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि अधिकांश लोगों की मौत आग के दौरान फैले घने धुएं और फेफड़ों में कार्बन मोनोऑक्साइड पहुंचने के कारण दम घुटने से हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आग के समय धुएं के तेजी से फैलने से कई लोगों को बचने का मौका नहीं मिल सका। एम्स की मॉर्चरी में मैक्स अस्पताल से लाए गए 18 शवों में से 11 का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है। इनमें छह शवों का पोस्टमॉर्टम बुधवार को और पांच का गुरुवार को किया गया। मृतकों में एक ही परिवार के आठ सदस्य और उनके रिश्तेदार भी शामिल हैं, जिससे हादसे की भयावहता और बढ़ जाती है।
एम्स के फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के अनुसार, मॉर्चरी में अभी सात शव रखे हैं, जिनमें दो कांगो और पांच नाइजीरियाई नागरिकों के शव शामिल हैं। संबंधित देशों के दूतावासों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद शुक्रवार को उनके पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उधर, ट्रॉमा सेंटर में एक शव का पोस्टमॉर्टम किया गया है, जबकि दो मृतकों के परिजन या दूतावास प्रतिनिधि अब तक नहीं पहुंचे हैं। सभी शवों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि पहचान और कानूनी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
मालवीय नगर में हुए अग्निकांड की विस्तृत जांच के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने राजधानी के सभी होटलों, व्यावसायिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का विशेष ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जहां भी सुरक्षा मानकों में लापरवाही या अनियमितता पाई जाएगी, वहां जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा जरूरी है।
हौज रानी में 12 होटलों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद लापरवाही के मामलों को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच MCD ने हौज रानी क्षेत्र में संचालित 12 होटलों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि इन होटलों ने MCD से केवल चाय और नाश्ते के लिए स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस (हेल्थ ट्रेड लाइसेंस) प्राप्त किया था, लेकिन वे इसका उल्लंघन करते हुए होटल के रूप में संचालन कर रहे थे। इसे गंभीर नियम उल्लंघन माना जा रहा है।
MCD ने स्पष्ट किया है कि इन होटलों के लाइसेंस रद्द करने के साथ ही राज्य सरकार से प्राप्त बी एंड बी (Bed & Breakfast) लाइसेंस को भी रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग को पत्र भेज दिया गया है। इसके अलावा, साकेत इलाके में 32 अन्य प्रतिष्ठानों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि वहां भी नियमों और सुरक्षा मानकों की जांच की जा सके। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में व्यापक स्तर पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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