नूंह जिले की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और यह मामला जून 2024 में थाना पिनंगवा क्षेत्र में दर्ज किया गया था।
सोनू, नूंह। जिले की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला जून 2024 में थाना पिनंगवा क्षेत्र में दर्ज किया गया था।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 जून 2024 को दर्ज एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग रिश्तेदार को रात के समय घर के बाहर से ले जाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और एक आरोपी को मौके से पकड़ लिया था।
अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत
इसके बाद नूंह पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य एकत्र किए, गवाहों के बयान दर्ज किए तथा जांच पूरी कर अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
सभी पक्षों को सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं fast track विशेष पोक्सो अदालत नूंह ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी द्वारा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को कानून के अनुसार सजा में समायोजित किया जाएगा। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मामले की जांच के दौरान नूंह पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों, साक्ष्यों और पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

