Supreme Court On OBC Caste List Census-2027: जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी जातियों की अलग सूची की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने इसका फैसला मोदी सरकार को सौंप दिया है। जनगणना में OBC जातियों के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू की मांग वाली याचिका पर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि यह नीतिगत निर्णय है, जिस पर सरकार विचार कर सकती है। साथ ही देश का शीर्ष न्यायालय याचिकाकर्ताओं को जनगणना रजिस्ट्रार जनरल के सामने अपनी बात रखने की छूट दी है।

दरअसल यह याचिका OBC फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से दाखिल की गई थी। इसमें मांग की गई थी कि ऑनलाइन जनगणना फॉर्म में OBC जातियों की सूची ड्रॉप-डाउन मेनू के रूप में उपलब्ध कराई जाए, ताकि अलग-अलग पिछड़ी जातियों को सूचीबद्ध किया जा सके।

28 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान फेडरेशन की तरफ से पेश वकील अंजनी अयंगर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता पिछड़े वर्गों से आते हैं। उन्होंने सरकार के सामने मांग रखी थी कि चल रही ऑनलाइन जनगणना प्रक्रिया में OBC जातियों के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू की व्यवस्था की जाए। याचिका में कहा गया कि जनगणना के शेड्यूल के कॉलम नंबर 10 में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जाति से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। हालांकि SC और ST के अलावा अन्य लोगों के लिए जाति दर्ज करने का विकल्प ओपन टेक्स्ट फील्ड के रूप में दिया गया है। इसमें लोगों को अपनी जाति का नाम खुद लिखना पड़ता है।

इसपर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि यह मामला नीतिगत निर्णय से जुड़ा है और इस पर सरकार ही विचार कर सकती है। हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भारत के जनगणना रजिस्ट्रार जनरल के सामने अपनी मांग रखने की छूट दे दी।

2011 की जनगणना का दिया गया हवाला

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि OBC जातियों के लिए भी ड्रॉप-डाउन मेनू होना चाहिए, जैसा कि 2011 की जनगणना में SC और ST जातियों के लिए किया गया था। उनके मुताबिक, इससे विभिन्न OBC जातियों को सूचीबद्ध करने में मदद मिलेगी।

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