बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कथित अतिक्रमण मामले में ओबीसीएल (पूर्व में उड़ीसा बंगाल करियर प्राइवेट लिमिटेड) को अंतरिम राहत प्रदान की है. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित भूमि का विधिवत सीमांकन किए बिना किसी भी प्रकार की दमनात्मक कारवाई नहीं की जाएगी.
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ओबीसीएल की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र रायपुर स्थित लगभग 18,725 वर्गफुट भूमि कंपनी को वर्ष 2009 में वैधानिक रूप से आवंटित की गई थी, तथा 2020 में 99 वर्ष की लीज डीड निष्पादित की गई. इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 2 मई 2016 को कथित अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया था.
कंपनी की ओर से दायर याचिक में कहा गया था कि बिना किसी अधिकृत सीमांकन के अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है, जो विधिसम्मत नहीं है. वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से न्यायालय को अवगत कराया गया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने को लेकर दिए गए निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई की जा रही है.
जस्टिस अमितेंदु किशोर प्रसाद की सिंगल बैंच ने मामले की सुनवाई के बाद निर्देश दिया कि संबंधित भूमि का सीमांकन विधि अनुसार तथा संबंधित पक्षों की उपस्थिति में किया जाए. न्यायलय ने कहा कि सीमांकन पूर्ण होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम आदेश पारित किए जाने तक 2 मई 2026 का नोटिस स्थगित रहेगा. न्यायालय ने यह भी निर्देशित किया है कि सीमांकन की पूरी प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी की जाए.
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