भुवनेश्वर। ओडिशा में कैंसर मरीजों की जांच और इलाज की सुविधाएं अब उनके घर के और करीब पहुंचने वाली हैं। राज्य सरकार जल्द ही पूरे राज्य में समर्पित ‘कैंसर केयर वैन’ (Cancer Care Vans) सेवा शुरू करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जल्द ही औपचारिक रूप से इन वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर जिले तक कैंसर स्क्रीनिंग और इलाज की बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए लंबी, थकाऊ और खर्चीली यात्राएं न करनी पड़ें।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार राज्य के 32 जिला अस्पतालों में डे-केयर कीमोथेरेपी प्रणाली शुरू करने की योजना बना रही है। इससे मरीजों को बार-बार कटक या अन्य दूर-दराज के बड़े कैंसर अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे अपने गृह जिले में ही कीमोथेरेपी करा सकेंगे।

इलाज की प्रस्तावित प्रक्रिया

पहली कीमोथेरेपी: कैंसर से पीड़ित मरीजों को अपनी पहली कीमोथेरेपी कटक स्थित प्रसिद्ध आचार्य हरिहर कैंसर केंद्र (Acharya Harihar Cancer Centre) में लेनी होगी।

अगली साइकिल: पहली थेरेपी सफल रहने के बाद, आगे की कीमोथेरेपी साइकिल मरीज अपने संबंधित जिला अस्पताल के डे-केयर सेंटर में ले सकेंगे।

वर्तमान में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों और उनके परिवारों को बार-बार बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर यात्रा, रहने और खाने-पीने का भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। जिला स्तर पर यह सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक स्तर पर बड़ी राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री महालिंग ने यह भी स्पष्ट किया कि आचार्य हरिहर कैंसर केंद्र में मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती रहेगी। सरकार का लक्ष्य ओडिशा को कैंसर देखभाल और इलाज के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित करना है।

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