Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा के सरकारी स्कूलों की पहली से आठवीं कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकों में बड़े पैमाने पर मिली त्रुटियों (गलतियों) को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री माझी ने इस पूरे मामले की आपराधिक जांच (Criminal Investigation) कराने का कड़ा आदेश जारी किया है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निदेशक को तुरंत क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास जाकर इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

1,600 से अधिक गलतियों के बाद मचा था बवाल

शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही पहली से आठवीं कक्षा तक की नई किताबों में 1,600 से अधिक गंभीर गलतियां सामने आई थीं। उदाहरण के लिए महान वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन को ‘महान पायलट’ लिख दिया गया था, कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर को ओडिशा विधानसभा और हम्पी परिसर की फोटो को कोणार्क मंदिर बता दिया गया था। इन गलतियों को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मुख्यमंत्री माझी ने इस भारी लापरवाही को सरकार को बदनाम करने की एक ‘संभावित साजिश’ बताया था।

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री का एक्शन

मामले को तूल पकड़ता देख मुख्यमंत्री के निर्देश पर विकास आयुक्त (Development Commissioner) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति को पाठ्यपुस्तकों की छपाई और सामग्री (Content) की मंजूरी देने की पूरी प्रक्रिया में हुई लापरवाही की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री ने यह कड़ी कार्रवाई की है।

कई वरिष्ठ अधिकारी पहले ही हो चुके हैं निलंबित

कमेटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार पहले ही कड़ा रुख अपना चुकी है। इससे पहले, SCERT के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी और तीन सहायक निदेशकों (प्रलिप्ता मिश्रा, दिलीप साहू और भारती टुडू) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया था। इसके अलावा, छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जा चुकी है।

अब मुख्यमंत्री माझी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की एंट्री से उन प्रिंटिंग एजेंसियों और अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, जिन्होंने बिना सही भाषा, तथ्य और चित्रों की जांच किए किताबों को छपने की मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि इसमें कोई आपराधिक साजिश पाई जाती है, तो दोबारा किताबों की छपाई में आने वाला पूरा खर्च दोषी पक्षों से ही वसूला जाएगा।

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