भुवनेश्वर: ओडिशा में आगामी पंचायत और नगरपालिका/निकाय चुनावों को निष्पक्ष, त्रुटिरहित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करने के उद्देश्य से भुवनेश्वर महानगर निगम क्षेत्र में एक विशेष पायलट सर्वे अभियान शुरू किया जा रहा है।
आगामी 3 सितंबर से 11 सितंबर तक BMC के अंतर्गत आने वाले 3 विधानसभा क्षेत्रों के चिन्हित वार्डों में घर-घर जाकर यह सर्वे किया जाएगा। इसमें भुवनेश्वर-उत्तर विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 10, भुवनेश्वर मध्य विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 35 और भुवनेश्वर-एकाम्रा विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 52 शामिल हैं।
पायलट सर्वे के बाद, 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया जाएगा, ताकि ग्रामीण व शहरी निकायों की मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा सके।
वर्तमान में मतदाता सूची में कई ऐसी तकनीकी और व्यावहारिक खामियां हैं, जिनके कारण आम मतदाताओं को परेशानी होती है। इस सर्वे का प्राथमिक उद्देश्य:
एक परिवार, एक बूथ
वर्तमान में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों या वार्डों में दर्ज हैं। इस सर्वे के जरिए सुनिश्चित किया जाएगा कि एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही मतदान केंद्र और एक ही वार्ड में हो।
अस्पष्ट मकान नंबर का समाधान
घरों के पतों और नंबरों में मौजूद अस्पष्टता को स्थायी रूप से दूर किया जाएगा।
शहरी मतदान प्रतिशत में सुधार
शहरी क्षेत्रों में मतदान केंद्र की स्पष्ट भौगोलिक सीमा न होने और एक ही बूथ में 10 से 12 अलग-अलग इलाकों के मतदाताओं के नाम होने के कारण लोग वोट देने से कतराते हैं। नया ढांचा इस समस्या को हल करेगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने कहा कि इस पारदर्शी व्यवस्था से राज्य में एक सटीक मतदाता सूची तैयार हो सकेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे सर्वे कार्य में लगे बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) और कर्मचारियों की टीम को सही जानकारी देकर पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
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