1 फरवरी से जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) (पीयूसी) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। ओडिशा के वाणिज्य और परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि यह कोई नया आदेश नहीं है। बल्कि वायु गुणवत्ता के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए एक अनिवार्य कदम है।
मंत्री ने बताया कि इस फैसले को लेकर गलतफहमी फैल रही है। उनके अनुसार, सरकार ने सिर्फ संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पेट्रोल पंपों पर वही वाहन ईंधन ले सकेंगे, जो वैध पीयूसी सर्टिफिकेट दिखा पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह नियम पहले से मौजूद है, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।

जनता की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने सवाल उठाया कि लोग इस कदम से इतने परेशान क्यों हैं, जबकि ओडिशा में एयर क्वालिटी इंडेक्स पहले से ही खराब स्थिति में है। उनका कहना था कि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में सरकार के पास सख्त फैसले लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि जुर्माने की राशि और नियमों के क्रियान्वयन को लेकर कुछ आपत्तियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जनता का कहना है कि जुर्माना ज्यादा है और इस पर सरकार विचार करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि नियम 1 फरवरी से लागू जरूर होगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
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