रायपुर। सक्ती जिला स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे में मृत श्रमिकों की संख्या 24 तक पहुंच गई है, वहीं 10 घायल श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है, जिनमें से 7 श्रमिकों को अस्पताल में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है, वहीं 80 से 85 फीसदी तक झुलसे 3 श्रमिक अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं. केवल एक श्रमिक सौभाग्यशाली रहा है, जिसे इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

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लल्लूराम डॉट काम को वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृत, घायल और गंभीर रूप से घायल मरीजों की सूची प्राप्त हुई है. इसमें जहां आज दम तोड़ने वाले झारखंड निवासी मनीष कुमार को मिलाकर 24 मृत श्रमिकों की सूची है, तो वहीं दूसरी तरफ 10 घायल मरीजों को प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.

इनमें से जिन सात घायलों को अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है, उनमें ठेका कंपनी एनएसजीएल के पांच, ग्रुएर एण्ड वेईल इंडिया लिमिटेड का एक और डीसीपीएल का एक श्रमिक शामिल है. इनमें से तीन श्रमिकों का इलाज जहां जिंदल अस्पताल में चल रहा है, वहीं दो का इलाज बालाजी मेट्रों में और एक श्रमिक का इलाज रायपुर स्थित श्री शंकरा हॉस्पिटल में चल रहा है.

इनके अलावा 80 से 90 फीसदी तक झुलसे तीन श्रमिकों का जिंदल हॉस्पिटल में चल रहा है. गंभीर रूप से घायल इन श्रमिकों में से दो संदीप कुमार और मिलन कुमार वारे एनडीएसएल के और एक श्रमिक कार्तिक महतो ग्रुएर एण्ड वेइल इंडिया लिमिटेड से जुड़ा है.

पूरे हादसे में एक श्रमिक ही अब तक ऐसा है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराए जाने के बाद अब डिस्चार्ड कर दिया गया है. इनमें डीसीपीएल का वेंगापांडु महेश शामिल है, जिसका एपेक्स हॉस्पिटल में सफल इलाज किया गया है.

केंद्रीय टीम ने किया प्लांट का दौरा

वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे में मरने वाले श्रमिकों की बढ़ती संख्या के बीच केंद्रीय दल ने प्लांट पहुंचकर हादसे की जगह का निरीक्षण किया. यही नहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं. यह टीम तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है.