प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में रावण दहन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है जो अब बढ़ता ही जा रहा है। यहां अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने रावण दहन करने वाली 4 आयोजक समितियों को अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा है।

ब्राह्मण समाज ने समितियों से 7 दिन में यह बताने को कहा है कि किस धर्मशास्त्र और पुराण में आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण वध का उल्लेख है। साथ ही जवाब नहीं मिलने पर आयोजकों को वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच ब्राह्मण समाज ने शहर में रावण दहन के विरोध में पोस्टर भी लगाए है।

बता दें कि 20 अक्टूबर 2026 मंगलवार को रावण दहन होना है। इससे पहले इसे लेकर उज्जैन में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है। महाकाल मंदिर के पुजारी और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक अध्यक्ष महेश पुजारी ने वकील अश्विन चौधरी के माध्यम से चार समितियों को नोटिस भिजवाया है। इनमें लाला ओम अमरनाथ खत्री दशहरा उत्सव समिति, कार्तिक मेला दशहरा उत्सव समिति, सिद्धवट दशहरा समिति और शास्त्री नगर दशहरा उत्सव समिति शामिल है।

इस लीगल नोटिस में आयोजकों को रावण से संबंधित धर्मशास्त्र की बातें बताते हुए कहा गया है कि ब्राह्मण समाज इससे असंतुष्ट है। समाज ने आयोजकों से आगामी आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण दहन नहीं करने को कहा है। यदि वे इस तिथि पर रावण दहन करते हैं, तो उन्हें बताना होगा कि किस शास्त्र और पुराण में इस तिथि को रावण वध होने का उल्लेख है।

नोटिस में कहा गया है कि 7 दिन के भीतर रावण दहन के संबंध में स्पष्ट पात्लेख नहीं दिया गया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें होने वाले हर्जे और खर्चे आयोजक समितियों को वहन करने होंगे।

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