कुलदीप सिंह, फतेहपुर. अटेवा पेंशन बचाओ मंच, फतेहपुर के बैनर तले शुक्रवार को भारत के वीर सैनिकों के सम्मान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली के लिए एक भव्य “OPS तिरंगा यात्रा” का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक यात्रा में जिलेभर के विभिन्न विभागों के लगभग दो हजार शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि हाथों में तिरंगा झंडा और छाता लेकर शामिल हुए.
कार्यक्रम की शुरुआत नहर कॉलोनी से हुई, जहां बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी एकत्रित हुए. इसके पश्चात सभी ने पटेल नगर चौराहे पर एक साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रगान और “वंदे मातरम” का गान किया. पुरानी पेंशन बहाली के नारों के साथ यह यात्रा वर्मा चौराहा, ज्वालागंज, सदर अस्पताल, पत्थरकटा चौराहा और विद्यार्थी चौराहा से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची. यहां सीमा पर डटे जवानों और कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स को सौंपा गया.
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यात्रा में शामिल मान सिंह यादव ने कहा कि तिरंगा हमारे देश की आन, बान और शान का प्रतीक है, जिसकी हिफाजत में वीर सपूत अपने प्राण न्यौछावर करते हैं. सीमा पर जान की बाजी लगाने वाले बीएसएफ, पैरामिलिट्री और सीआरपीएफ के जवानों और 60-62 साल तक सेवा करने वाले कर्मचारियों को बुढ़ापे की सुरक्षा (पेंशन) न मिलना और दूसरी ओर एक दिन के जनप्रतिनिधि को कई-कई पेंशन मिलना सरासर अन्याय है.
यात्रा में शामिल अन्य लोगों का कहना था कि देश खुद को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का दावा करता है, लेकिन अपने ही शिक्षकों और कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी छीन रहा है. ऐसी अर्थव्यवस्था का कोई औचित्य नहीं जो अपने देश को गढ़ने वालों की सामाजिक सुरक्षा न कर सके. यात्रा के दौरान चेतावनी देते हुए कहा गया कि पुरानी पेंशन बहाल न होने की स्थिति में आगामी चुनावों में शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवार ‘VOTE FOR OPS’ अभियान चलाकर अपनी ताकत दिखाएंगे.

