हेमंत शर्मा, इंदौर। सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में स्थित आशा कन्फेक्शनरी कंपनी के बाहर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। वेतन वृद्धि, बोनस और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सैकड़ों वर्कर फैक्ट्री गेट के बाहर उतर आए और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी लगातार मुनाफा कमा रही है, लेकिन मजदूरों को उनका हक नहीं दिया जा रहा। वर्करों का कहना है कि कई बार वेतन बढ़ाने और बोनस देने की मांग रखी गई, लेकिन हर बार प्रबंधन ने बात टाल दी।
मालिक पर बना रहा करोड़ों का बंगला
सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया कि कंपनी संचालक दीपक दरियानी ओमेक्स सिटी में करोड़ों रुपये का आलीशान बंगला बनवा रहा है, लेकिन सालों से काम कर रहे मजदूरों की सैलरी बढ़ाने को तैयार नहीं है। वर्करों ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी मजदूरी वहीं की वहीं है। कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मांग करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी तक दी जाती है। हंगामे के दौरान स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब फैक्ट्री परिसर में बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
वर्करों पर मालिक के बेटे को पीटने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक गुस्साए कर्मचारियों ने कंपनी मालिक दीपक दरयानी के बेटे संस्कार दरयानी की पिटाई भी कर दी। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर कंपनी मालिक दीपक दरयानी ने कर्मचारियों पर ही तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने जबरन फैक्ट्री में घुसकर माहौल खराब किया और राजनीतिक कारणों से कर्मचारियों को भड़काया जा रहा है। लेकिन प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि अगर मजदूर अपना हक मांगें तो उन्हें भड़काया हुआ बता दिया जाता है, जबकि असली सवाल वेतन और अधिकार का है।
कर्मचारी पहुंचे थाने
हंगामे के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी बाणगंगा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे लेबर कोर्ट तक जाएंगे और आंदोलन तेज करेंगे। औद्योगिक क्षेत्र में हुए इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है, लेकिन मजदूर आज भी अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर क्यों हैं।

