कैथल। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIOs) भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने, ठगने और संवेदनशील जानकारियां हासिल करने के लिए लगातार नए डिजिटल हथकंडे अपना रहे हैं। इसको लेकर कैथल के SP मनप्रीत सिंह सूदन ने भारतीय युवाओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए संदिग्ध कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की अपील की है।

SP मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि संदिग्ध तत्व सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ऑनलाइन नौकरी, लॉटरी, फर्जी इनाम के साथ-साथ भावनात्मक और धार्मिक बहकावे का सहारा लेकर युवाओं को अपने जाल में फंसा सकते हैं। इसके बाद उनसे निजी या संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है।

धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर माइंडवॉश का प्रयास

SP के अनुसार, संदिग्ध एजेंट धर्म और मजहबी भावनाओं का दुरुपयोग कर युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। धार्मिक रूप से भड़काने, झूठी कट्टरपंथी बातों में उलझाने और उकसाने के जरिए युवाओं का माइंडवॉश किया जा सकता है। इसके बाद उन्हें अपने ही देश के खिलाफ जासूसी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश हो सकती है।

+92 नंबर से आने वाली कॉल और मैसेज से रहें सावधान

SP ने बताया कि +92, जो पाकिस्तान का कंट्री कोड है, या अन्य अंतरराष्ट्रीय नंबरों से युवाओं को कॉल और WhatsApp मैसेज आ सकते हैं। इनमें KBC, लॉटरी, कार जीतने या भारी कैश प्राइज का लालच दिया जा सकता है।

इनाम की रकम क्लेम करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगी जा सकती है या फर्जी लिंक भेजकर उस पर क्लिक करवाने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसे लिंक के जरिए मोबाइल या निजी जानकारी को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है।

सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाकर हनीट्रैप का जाल

संदिग्ध एजेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक प्रोफाइल बनाकर युवाओं से दोस्ती करने की कोशिश कर सकते हैं। खास तौर पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर Facebook, Instagram और Telegram पर संपर्क किया जा सकता है।

धीरे-धीरे भावनात्मक या अश्लील बातचीत के जरिए ऐसी निजी सामग्री हासिल करने की कोशिश की जा सकती है, जिसका बाद में ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन कमाई का लालच

SP ने युवाओं को ऑनलाइन नौकरी और कमाई के नाम पर मिलने वाले ऑफर से भी सावधान रहने को कहा है। Work From Home, Data Entry और Telegram Task जैसे कामों के जरिए युवाओं को पैसों का लालच दिया जा सकता है।

बाद में उनसे छोटी-मोटी जासूसी गतिविधियों, फोटो या लोकेशन शेयर करने जैसी गतिविधियों के लिए कहा जा सकता है। ऐसी किसी भी संदिग्ध मांग से युवाओं को तुरंत दूरी बनाने की सलाह दी गई है।

फर्जी लोन और बेटिंग ऐप्स से भी सावधान

एडवाइजरी में फर्जी लोन और बेटिंग ऐप्स को लेकर भी चेतावनी दी गई है। अवैध ऐप्स के जरिए युवाओं को कर्ज या सट्टेबाजी के जाल में फंसाया जा सकता है। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा सकती है।

जासूसी के जाल में फंसने पर हो सकते हैं गंभीर नुकसान

SP मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि देशविरोधी या जासूसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और Official Secrets Act (OSA) के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसके चलते जेल जाने के साथ सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और विदेश जाने से जुड़े अवसरों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि लॉटरी के लालच में युवा अपनी या परिवार की जमा पूंजी गंवा सकते हैं। वहीं, एक बार किसी संदिग्ध व्यक्ति के जाल में फंसने के बाद निजी फोटो या वीडियो के जरिए लगातार ब्लैकमेल किए जाने का खतरा रहता है। ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार होने के बाद युवा मानसिक तनाव का सामना कर सकते हैं और मामला सामने आने पर परिवार को भी सामाजिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

SP ने यह भी चेताया कि जाने-अनजाने में साझा की गई छोटी से छोटी संवेदनशील जानकारी भी देश और सेना की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

SP की युवाओं से अपील

SP मनप्रीत सिंह सूदन ने युवाओं से अपील की कि किसी भी व्यक्ति, संगठन या सोशल मीडिया ग्रुप के धार्मिक अथवा उन्मादी भड़कावे में न आएं। देश की अखंडता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि +92 कोड से आने वाली अनजान कॉल, लॉटरी वाले मैसेज और संदिग्ध WhatsApp लिंक को तुरंत इग्नोर, ब्लॉक और रिपोर्ट करें। बिना किसी प्रतियोगिता में भाग लिए कोई लॉटरी नहीं लगती, इसलिए लॉटरी के नाम पर किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करें।

उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने और संवेदनशील फोटो या वीडियो शेयर करने से भी बचने की सलाह दी है।

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