विनोद साहनी की हत्या के बाद रविवार को विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर गोंडा में पीड़ित परिवार से मिलीं. उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुआवजा और सुरक्षा देने के साथ आरोपितों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग की.

गोंडा. निषाद पार्टी के जिला प्रचारक विनोद साहनी की हत्या के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. रविवार को सिराथू से अपना दल कमेरावादी की विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर परसपुर के रेक्सडिया मल्लाहनपुरवा स्थित विनोद साहनी के घर पहुंचीं, जबकि आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण को बाराबंकी में रोक दिया गया.

परिवार से मिलीं पल्लवी पटेल

पल्लवी पटेल सुबह करीब 11.40 बजे विनोद साहनी के घर पहुंचीं. पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद अधिकारी भी वहां पहुंचे और विधायक ने करीब एक घंटे तक पीड़ित परिवार से बातचीत की.

मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि विनोद साहनी निषाद और मल्लाह समाज की आवाज उठाते थे. उनकी हत्या के बाद दलित, शोषित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों में डर का माहौल है.

कानून व्यवस्था पर सवाल

पल्लवी पटेल ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संगठित अपराध और दिनदहाड़े हो रही हत्याओं के कारण परिवार उजड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार हर बार प्रयास करने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है.

विधायक ने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षित लोगों की शिकायतों पर सुनवाई होती है, जबकि पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता. उन्होंने प्रदेश में सीमाओं पर आतंकवादियों से ज्यादा खतरा ‘जातंकवादियों’ से होने का आरोप भी लगाया.

आरोपितों पर कार्रवाई की मांग

पल्लवी पटेल ने कहा कि विनोद कुमार साहनी ने घायल अवस्था में खुद आरोपितों के नाम बताए थे. उनके मुताबिक गोलू सिंह और आकाश सिंह के नाम विनोद की ओर से दी गई तहरीर में भी दर्ज हैं.

विधायक ने कहा कि यदि आरोपितों को बचाने के लिए ऊपर से किसी तरह का दबाव बनाया जाता है तो वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेंगी और अपनी क्षमता के अनुसार न्याय की लड़ाई लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि चार लोगों की गिरफ्तारी और दो अधिकारियों के निलंबन मात्र से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा.

नौकरी और सुरक्षा की मांग

पल्लवी पटेल ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने उचित मुआवजा, सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की भी मांग रखी.

उन्होंने विनोद साहनी की हत्या में शामिल सभी लोगों को बिना दबाव और पक्षपात के गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की. साथ ही आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग भी की.

सोशल मीडिया पर विनोद साहनी से जुड़े पोस्ट के सवाल पर विधायक ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित और वंचित समाज द्वारा अपने पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए जाने पर उन्हें अपराध की श्रेणी में लाने की कोशिश होती है, जबकि सदन में पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी होने पर भी कार्रवाई नहीं होती.

पल्लवी पटेल ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम है, लेकिन न्याय व्यवस्था की जमीनी हकीकत कागजों से अलग दिखाई देती है. उनके मुताबिक परिवार को केवल अधिकारियों के निलंबन और आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षा और न्याय की गारंटी चाहिए.