बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पलवल पुलिस ने आमजन की सुरक्षा के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। एसपी नीतीश अग्रवाल ने नागरिकों से डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय फ्रॉड से सतर्क रहने को कहा है।

दीपक भारद्वाज, पलवल। हरियाणा के जिला पलवल में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक पलवल नीतीश अग्रवाल (IPS) के दिशा-निर्देशानुसार आमजन की सुरक्षा हेतु एक विशेष साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के तौर-तरीकों के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल मोर्चे पर सुरक्षित रखना है, ताकि कोई भी अपराधी उनके डर या लालच का फायदा न उठा सके।

साइबर ठगी से बचने के लिए इन 10 बातों का रखें ध्यान

पलवल पुलिस ने आम जनता के लिए 10 प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कभी भी किसी अनजान से अपना OTP, CVV या बैंक पासवर्ड साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती और कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती है। इसके अलावा लॉटरी, केवाईसी अपडेट या बिजली बिल के अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। प्ले स्टोर से असुरक्षित लोन ऐप डाउनलोड न करें, क्योंकि ये गैलरी और कॉन्टैक्ट्स चुराकर ब्लैकमेल करते हैं। क्यूआर (QR) कोड और यूपीआई (UPI) पिन का इस्तेमाल सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर घर बैठे कमाई के टास्क, ओएलएक्स (OLX) पर फर्जी आर्मी अफसर बनकर होने वाली ठगी और बच्चों द्वारा गेमिंग ऐप्स पर माता-पिता के कार्ड से होने वाले पेमेंट को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्रोफाइल को हमेशा लॉक रखने की अपील की गई है।

ठगी होने पर ‘गोल्डन ऑवर’ में तुरंत करें कार्रवाई

यदि किसी नागरिक के साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो पलवल पुलिस ने घबराने के बजाय त्वरित कदम उठाने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार, घटना के पहले 1 घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर की गई कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण होती है। पीड़ित व्यक्ति को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही तुरंत अपने संबंधित बैंक को सूचित कर खाते को ब्लॉक करवा देना चाहिए, ताकि ठगी गई राशि को आगे ट्रांसफर होने से समय रहते रोका जा सके।

एसपी नीतीश अग्रवाल ने की सतर्क रहने की अपील

पलवल के पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) ने आमजन से पुरजोर अपील करते हुए कहा है कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार आपका डर और लालच है। कोई भी सरकारी जांच एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल पर केस सॉल्व नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। सतर्कता और जागरूकता ही इस अपराध से बचने का एकमात्र अचूक उपाय है। पलवल पुलिस सदैव आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या पुलिस आपातकालीन नंबर डायल-112 पर दें।