पंचकूला पुलिस ने ऑनलाइन बिजनेस का झांसा देकर 30 लाख रुपये ठगने वाले एक मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया है। मामला इंस्टाग्राम दोस्ती से शुरू हुआ था।

पंचकूला। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करीब दो साल पुराने एक बड़े साइबर ठगी मामले में पहली बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार, जुलाई 2024 में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे ऑनलाइन बिजनेस और निवेश का झांसा देकर 30 लाख 52 हजार 990 रुपये की चपत लगाई गई है। आरोपी ने इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क साधकर पीड़ित का भरोसा जीता और फिर ठगी की इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लंबे समय से आरोपियों की तलाश जारी रखी थी।

ऑनलाइन निवेश के नाम पर झांसा

पीड़ित के अनुसार, अप्रैल 2024 में इंस्टाग्राम पर एक महिला प्रोफाइल ने उससे दोस्ती की और खुद को सिंगापुर में फैशन बिजनेस से जुड़ा बताया। उसने पीड़ित को एक ऑनलाइन सेलर के रूप में काम करने और मोटी कमाई का लालच दिया। शुरुआत में पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए उसने कुछ राशि का भुगतान भी लौटाया, लेकिन बाद में बिजनेस रिचार्ज और निवेश के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी उसे वेबसाइट पर फर्जी मुनाफे का डॉलर में ग्राफ दिखाते रहे और जब पीड़ित ने पैसा निकालने की कोशिश की, तो उससे टैक्स के नाम पर और पैसे ऐंठे गए।

आरोपी का रिमांड लेकर पूछताछ

डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि तकनीकी जांच और बैंक रिकॉर्ड्स के विश्लेषण के बाद देहरादून स्थित एक कंसल्टेंसी के बैंक खाते की जानकारी मिली। इसी आधार पर पुलिस ने मोहित मार्क उर्फ मोन्टू निवासी देहरादून को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है, ताकि ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों का पता लगाया जा सके। पंचकूला पुलिस का कहना है कि लंबित मामलों में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और साइबर अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।