सेक्टर-14 स्थित गर्ल्स कॉलेज के स्ट्रांग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गए, जिससे प्रत्याशियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।

पंचकूला। नगर निगम चुनाव के बीच आज सोमवार (11 मई, 2026) की सुबह प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लग गए। सेक्टर-14 स्थित स्टेट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में बने स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी कैमरे अचानक करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बंद रहे। जैसे ही यह सूचना बाहर आई, चुनाव लड़ रहे विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में प्रत्याशी मौके पर पहुंच गए और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

ईवीएम की सुरक्षा को लेकर प्रत्याशियों का कड़ा विरोध

कैमरा बंद होने की खबर मिलते ही कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज सहित कई अन्य दलों और निर्दलीय वार्ड प्रत्याशी घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। नाराज प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक सीसीटीवी कैमरों का बंद रहना कोई सामान्य तकनीकी खराबी नहीं बल्कि ईवीएम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की साजिश हो सकती है। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, इलेक्शन ऑब्जर्वर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए और मांग की कि इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाए और कैमरा बंद होने के वास्तविक कारणों को जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए।

प्रशासनिक दखल और वर्तमान स्थिति

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पंचकूला के विधायक चौधरी चंद्रमोहन भी मौके पर पहुंचे और प्रत्याशियों के साथ खड़े होकर प्रशासन से जवाब मांगा। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलेक्शन ऑब्जर्वर और आला प्रशासनिक अधिकारी तुरंत स्ट्रांग रूम स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारी नेताओं को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, प्रशासन की ओर से तकनीकी खराबी को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रत्याशियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।

कैमरों के बैकअप और लॉग्स की प्रशासनीक जांच

इस घटना के बाद स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। राजनीतिक दलों का कहना है कि मतदान के बाद मशीनों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू है और ऐसी तकनीकी चूक पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर संदेह पैदा करती है। प्रशासन अब कैमरों के बैकअप और लॉग्स की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खराबी पावर कट की वजह से थी या कोई अन्य कारण था। शहर में इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है और सभी की नजरें अब चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।