पानीपत। कहते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों की खुशियों के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकते हैं, लेकिन हरियाणा के पानीपत से त्याग की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गई हैं। यहाँ एक बेबस पिता ने अपने बेटे के जीवन के सबसे बड़े दिन को उजड़ने से बचाने के लिए अपने सीने में गम का ऐसा पहाड़ छिपा लिया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
खुशियों के बीच अचानक पसरा सन्नाटा
मामला पानीपत के गांव गुड़ा का है। यहाँ के निवासी सुरेंद्र के घर में 12 सितंबर को उनके बेटे की शादी तय थी। घर में शहनाइयों की गूंज थी, मेहमान आ चुके थे और 11 सितंबर को मेहंदी की रस्म बड़े ही धूमधाम से चल रही थी। पूरा परिवार जश्न में डूबा था कि तभी अचानक खुशियों को किसी की नजर लग गई। सुरेंद्र की 50 वर्षीय पत्नी सुदेश देवी, जो लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रही थीं, उन्होंने अचानक दम तोड़ दिया।
मां का आखिरी सपना और पिता का महा-त्याग
मां का सिर्फ एक ही अरमान था—अपने बेटे को दूल्हा बनते देखना। पत्नी के चले जाने से सुरेंद्र के पैरों तले जमीन खिसक गई थी, लेकिन उन्होंने इस विकट परिस्थिति में भी खुद को संभाला। उन्होंने सोचा कि अगर इस वक्त मां की मौत की खबर बाहर आई, तो बेटे की शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी और सामने वाले (दुल्हन) पक्ष के घर में भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा।
अपने जीवन के इस सबसे बड़े दर्द को सुरेंद्र ने अपने सीने में ही दफन करने का फैसला किया। उन्होंने घर में किसी को भी भनक नहीं लगने दी। चुपचाप जनसेवा दल से संपर्क कर, पत्नी के पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने के लिए एक फ्रीजर का इंतजाम किया और उसे छिपा दिया।
हंसते चेहरे के पीछे छिपाया आंसुओं का सैलाब
इसके बाद जो हुआ, वह एक पिता के सर्वोच्च बलिदान की कहानी है। सुरेंद्र पूरे तीन दिन तक घर आए मेहमानों का मुस्कुराते हुए स्वागत करते रहे। उन्होंने बारात की अगुवाई की, हंसते-हंसते बेटे की शादी की हर एक रस्म निभाई और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद भी दिया। बाहर से देखने वाले किसी भी शख्स को यह अंदाजा नहीं था कि मुस्कुराते हुए चेहरे के पीछे एक पिता का दिल अंदर ही अंदर लहूलुहान हो रहा है।
डोली उठते ही फूट-फूट कर रो पड़ा पिता
14 सितंबर को जब शादी की सभी रस्में पूरी हो गईं और दुल्हन विदा होकर घर आ गई, तब जाकर सुरेंद्र के सब्र का बांध टूट गया। वह अचानक जमीन पर बैठकर फूट-फूट कर रोने लगे। जब परिवार और रिश्तेदारों ने उनके रोने का कारण पूछा, तब उन्होंने जो सच बताया उसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स का दिल दहल गया।
जब सबको पता चला कि जिस मां के साए के बिना यह शादी पूरी हुई, उसका शव पिछले तीन दिनों से फ्रीजर में रखा था, तो पूरा गांव रो पड़ा। इसके बाद नम आंखों से मां का अंतिम संस्कार किया गया। एक पिता का अपनी संतान की खुशी के लिए किया गया यह त्याग अब सोशल मीडिया पर हर किसी को भावुक कर रहा है और लोग इस पिता के हौसले को सलाम कर रहे हैं।
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