दीपक भारद्वाज, पानीपत : हरियाणा के पानीपत जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के बापौली क्षेत्र अंतर्गत बहरामपुर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने से एक नवविवाहिता की मौत (newlywed suspicious death) हो गई। इस घटना के बाद से ही दो परिवारों में कोहराम मच गया है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और जबरदस्ती जहर खिलाकर हत्या करने का संगीन आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया है।

डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, गोद में है डेढ़ साल की मासूम बच्ची

मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान पायल के रूप में हुई है। पायल की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही बापौली के बहरामपुर गांव (Bahrampur village Panipat) में हुई थी। हँसते-खेलते परिवार के बीच पायल की एक डेढ़ साल की मासूम बेटी भी है।

पायल की अचानक हुई मौत की खबर जैसे ही उसके मायके पहुंची, परिवार वाले रोते-बिलखते बहरामपुर गांव पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सामान्य अस्पताल के शव गृह (Panipat Civil Hospital mortuary) में रखवा दिया है।

शादी के बाद से ही मिलता था ताना, कई बार हो चुकी थी पंचायत

मायके पक्ष ने पुलिस को दिए बयान में ससुराल वालों पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पायल को लगातार प्रताड़ित (domestic violence and harassment) किया जा रहा था। उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी। विवाद इस कदर बढ़ गया था कि दोनों पक्षों के बीच मामले को सुलझाने के लिए कई बार सामाजिक पंचायत (village panchayat) भी बुलाई गई।

पंचायत में हर बार समझौते के बाद भी ससुराल वालों के रवैये में कोई सुधार नहीं आया। वे लगातार पायल को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते रहे, जिससे वह काफी तनाव में चल रही थी।

मायके वालों की मांग- मिले सख्त सजा; जांच अधिकारी बोले- केस दर्ज

पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि इन्हीं रोज-रोज के झगड़ों और प्रताड़ना के चलते या तो पायल को जबरन जहर खिलाया गया है या फिर उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया गया है। मायके वालों ने पुलिस प्रशासन से सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई (strict police action) की मांग की है।

इस पूरे मामले पर पानीपत पुलिस के जांच अधिकारी (investigation officer) का कहना है कि मायके पक्ष की लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज (FIR registered) कर लिया गया है। पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (post-mortem report) आने के बाद मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।