पानीपत के समालखा की गांधी कॉलोनी में एक विवाहिता ने मासूम बेटे के पहले जन्मदिन की तैयारियों के बीच आत्महत्या कर ली। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने बीएसएफ में कार्यरत पति और सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। जिले के अंतर्गत समालखा की गांधी कॉलोनी में एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 25 वर्षीय विवाहिता रीतू ने अपने ही घर के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सबसे ज्यादा दर्दनाक बात यह है कि अगले ही दिन यानी 1 जून को रीतू के इकलौते मासूम बेटे का पहला जन्मदिन था, जिसकी खुशी की तैयारियों के बीच अचानक पूरे घर में मातम पसर गया। मृतक के पिता ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में सब-इंस्पेक्टर (SI) पद पर तैनात दामाद, सास और ससुर पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने और दामाद के किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। समालखा थाना पुलिस ने पीड़ित पिता की लिखित शिकायत के आधार पर संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।
शादी के बाद से दहेज उत्पीड़न
राजस्थान के तिजारा (अलवर) निवासी पीड़ित हवा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी सबसे छोटी बेटी रीतू की शादी करीब 2 साल पहले समालखा की गांधी कॉलोनी निवासी संजय के साथ संपन्न हुई थी। संजय वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में सब-इंस्पेक्टर है और उसकी तैनाती पश्चिम बंगाल में है। शादी के बाद से ही रीतू को उसका पति संजय, सास कृष्णा और ससुर देसराज दहेज को लेकर लगातार ताने देते थे। ससुराल पक्ष का कहना था कि उसकी शादी एक क्लास-वन अधिकारी से हुई है, लेकिन वह उस रुतबे के अनुसार पर्याप्त दहेज लेकर मायके से नहीं आई। इसी बात को आधार बनाकर रीतू को रोजाना मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित किया जाता था।
पति के अवैध संबंधों का आरोप
मृतका के पिता हवा सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके दामाद संजय का किसी दूसरी महिला के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी कारण संजय कभी भी अपनी पत्नी रीतू को अपने साथ बंगाल ड्यूटी पर लेकर नहीं गया। कुछ समय पहले रीतू ने संजय के मोबाइल में उस महिला की आपत्तिजनक वॉट्सएप चैट और दोनों की तस्वीरें देख ली थीं। जब रीतू ने इस अनैतिक संबंध का पुरजोर विरोध किया, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। रीतू ने रोते हुए इस पूरी आपबीती के बारे में अपने मायके वालों को भी बताया था। इसके बाद पीड़ित परिवार के लोगों ने संजय को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
तनाव के चलते उठाया आत्मघाती कदम
हवा सिंह के अनुसार, 30 मई की सुबह फोन पर संजय और रीतू के बीच इसी बात को लेकर भारी विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी असहनीय मानसिक तनाव और प्रताड़ना से बुरी तरह परेशान होकर रीतू ने घर के कमरे में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के समय उसकी सास कृष्णा और ननद पास में आयोजित एक धार्मिक सत्संग में गई हुई थीं। दोपहर करीब एक बजे जब वे घर लौटीं, तो 11 महीने का मासूम बच्चा अकेला रो रहा था। बच्चे को गोद में लेने के बाद जब वे कमरे के अंदर पहुंचीं, तो रीतू का शव फंदे से लटका मिला। संजय 28 मई को छुट्टी लेकर घर आया था, जिसके बाद वह 29 मई को वापस ड्यूटी पर चला गया था।
तीनों आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
समालखा थाने के जांच अधिकारी एएसआई (ASI) सेठन पाल ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का सीधा आरोप लगाया है। पिता द्वारा दी गई प्राथमिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति संजय, सास कृष्णा और ससुर देसराज के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन इस दुखद घटना के सभी पहलुओं की बड़ी बारीकी से जांच कर रहा है। रीतू के शव का पोस्टमार्टम पानीपत के सामान्य अस्पताल में कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की बात कही गई है।

