कुंदन कुमार, पटना। विदेशी चंदे से जुड़े नए बिल को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। इस मामले पर अपनी मुखर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि यह बिल सिर्फ राजनीतिक और अपनी सुविधा के हिसाब से लाया जा रहा है, जबकि देश के असली मुद्दे इससे कोसों दूर हैं।

​पूंजीपतियों के कर्ज माफी और चंदे पर उठाए सवाल

​सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के पास देश के बड़े पूंजीपतियों से भारी मात्रा में चंदा आता है। उन्होंने दावा किया कि जिन पूंजीपतियों के खरबों रुपये के कर्ज माफ किए गए हैं, पूरे देश में उन्हीं के शानदार कार्यालय बने हैं और उनकी संपत्ति में कई गुना बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। यदि इन तमाम चीजों की निष्पक्ष और ईमानदारी से जांच या ऑडिट कराया जाए, तब जाकर इनकी वित्तीय स्थिति और सच का सही आकलन हो सकेगा।

​बेरोजगारी और सनातन के मुद्दों पर घेरा

​सरकार को घेरते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि अगर दम है तो सरकार को देश में बढ़ती बेरोजगारी, युवाओं के भविष्य और छात्रों के गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार अपनी सुविधा के अनुसार बिल लाती है और अपने बहुमत के बल पर उसे आसानी से पास करवा लेती है, लेकिन आम जनता के कल्याण और रोजगार से जुड़े मामलों पर वह हमेशा खामोश रहती है।

​आस्था, सनातन और मंदिरों को लेकर बड़ा बयान

​हिन्दू धर्म और सनातन संस्कृति के अपने पक्ष को रखते हुए पप्पू यादव ने कहा कि हम खुद हिंदू और सनातन संस्कृति के लिए मुखर होकर आवाज उठा रहे हैं। उनके नेता लगातार इस बात को दोहरा रहे हैं कि पूरा विपक्ष आस्था को बेचने वालों और जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोची-समझी साजिश के तहत मंदिरों को लूटने का काम किया जा रहा है, जिसे देश की जनता और विपक्ष कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।