पटना। शहर के एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले 15 दिनों के भीतर टाइल्स गिरने की यह दूसरी घटना है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बाल-बाल बचे यात्री: बड़ा हादसा टला
पटना एयरपोर्ट के अराइवल एरिया में अचानक टाइल्स भरभरा कर गिर गईं। गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर टाइल्स गिरीं, वहां से चंद सेकंड पहले ही दो यात्री गुजरे थे। अगर वे वहां खड़े होते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। टाइल्स गिरने के बाद छह टुकड़ों में टूट गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी और एयरपोर्ट प्रशासन मौके पर पहुंचे और उस हिस्से को घेराबंदी कर दिया गया।
15 दिन में दूसरी घटना: निर्माण पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब नवनिर्मित भवन से टाइल्स गिरी हों। इससे पहले 21 अप्रैल को भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। मात्र 15 दिनों के अंतराल में दो बार टाइल्स गिरना ₹1200 करोड़ की लागत से बने इस टर्मिनल की मजबूती पर सवालिया निशान लगाता है। उल्लेखनीय है कि इस टर्मिनल का उद्घाटन पिछले साल 29 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उद्घाटन के महज एक साल के भीतर ही बिल्डिंग का इस तरह जर्जर होना चिंताजनक है।
एयरपोर्ट प्रशासन की सख्त कार्रवाई
एयरपोर्ट निदेशक सीपी द्विवेदी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माण और मेंटेनेंस का जिम्मा संभालने वाली कंपनी एनसीसी (NCC) को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कंपनी को इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। यदि प्रशासन जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होता है, तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में टाइल्स को बदलने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि एनसीसी कंपनी के पास इस साल दिसंबर तक टर्मिनल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी है।
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