पटना के पटना सिटी क्षेत्र अंतर्गत एनएच-30 पर एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद उपद्रवियों का ऐसा तांडव देखने को मिला, जिसने कुछ देर के लिए पूरे इलाके को रणक्षेत्र में बदल दिया। एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मनीष नामक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए स्थानीय लोगों और राहगीरों का आक्रोश फूट पड़ा। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि उग्र भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की।

​कैसे भड़की हिंसा और क्या था पूरा घटनाक्रम?

​घटना की शुरुआत तब हुई जब एनएच-30 पर हुए भीषण सड़क हादसे में मनीष नामक युवक की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। शुरुआती गुस्सा जल्द ही उग्र उपद्रव में बदल गया। पीड़ित परिवार और समर्थकों के साथ-साथ भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने सड़क पर उतरकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने हाईवे से गुजर रहे वाहनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

​पुलिस वाहनों और यात्री बस में लगाई आग

​उग्र भीड़ का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर था कि उन्होंने सुरक्षा में तैनात पुलिस बल को भी नहीं बख्शा। उपद्रवियों ने कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा, एक लंबी दूरी की यात्री बस और सड़क किनारे खड़े दर्जनों दोपहिया वाहनों (मोटरसाइकिलों) को भी फूंक दिया गया। स्थिति इतनी भयावह थी कि हाईवे पर चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया और अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों ने केवल वाहनों को ही नहीं जलाया, बल्कि कई अन्य चार पहिया वाहनों को ईंट-पत्थरों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

​राहगीरों के तोड़े गए मोबाइल और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध

​हिंसा और तांडव के दौरान उपद्रवियों ने आम जनता और राहगीरों को भी जमकर प्रताड़ित किया। एनएच-30 से गुजर रहे जो लोग इस पूरी घटना का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे थे या तस्वीरें ले रहे थे, उपद्रवियों ने उन्हें खासतौर पर निशाना बनाया। कई राहगीरों के मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए गए ताकि इस हिंसक वारदात के सबूत बाहर न आ सकें। इस दौरान इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर छिपते नजर आए।

​प्रशासन की कार्रवाई और एएसपी का बयान

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे एएसपी राज किशोर सिंह ने मोर्चा संभाला।
​एएसपी राज किशोर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए भारी संख्या में जवानों की तैनाती की और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

​यातायात हुआ बहाल, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

​प्रशासन की मुस्तैदी के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे। पुलिस ने सभी क्षतिग्रस्त और जली हुई गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है। हादसे में शामिल और उपद्रव का कारण बनी बस को जेसीबी मशीन की मदद से खींचकर जब्त कर लिया गया है। हाईवे पर बाधित हुए यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है।
​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और वीडियो खंगाल रही है, ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून हाथ में लेने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।