कुंदन कुमार/पटना। सिविल कोर्ट में आज कोचिंग संस्थान से जुड़े चर्चित विवाद और फायरिंग मामले में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम देखने को मिला। सेशन जज की अदालत में फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत और उनके दो अंगरक्षकों की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। हालांकि अदालत ने पुलिस द्वारा सौंपी गई अपडेट केस डायरी को अपूर्ण माना और मामले की अगली सुनवाई के लिए शनिवार की तारीख तय की है।

​पुलिस की केस डायरी पर सवाल

​सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक पूरी और स्पष्ट केस डायरी प्रस्तुत करें। पुलिस की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं बल्कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी और यह सब खान सर के निर्देश पर हुआ। यह रिपोर्ट खान सर की कानूनी मुश्किलों को बढ़ा सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अदालत ने उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा (गिरफ्तारी से संरक्षण) को बरकरार रखा है। इससे पहले 20 जून को भी कोर्ट ने खान सर और उनके तीन स्टाफ सदस्यों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

​रौशन आनंद के साथियों को बड़ी राहत

​एक अन्य घटनाक्रम में, रौशन आनंद पक्ष के अभिषेक और गौरव की जमानत याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इन दोनों की जमानत याचिका बिना किसी शर्त के मंजूर कर ली है। रौशन आनंद के वकील राघव कुमार ने पुष्टि की कि बेल बॉन्ड और जेल प्रशासन की प्रक्रिया पूरी होते ही दोनों को बेउर जेल से रिहा कर दिया जाएगा।

​विवाद की पृष्ठभूमि

​यह पूरा मामला पटना में कोचिंग संस्थानों के वर्चस्व और उसके बाद हुई हिंसा से जुड़ा है। खान सर ने अपनी जमानत याचिका में फायरिंग की घटना में किसी भी संलिप्तता से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। वहीं, रौशन आनंद ने जेल से रिहाई के बाद खान सर पर गंभीर साजिश रचने और अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या का आरोप लगाया है।
​अदालत का अब पूरा ध्यान पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले नए दस्तावेजों और केस डायरी की समीक्षा पर है। शनिवार को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि खान सर को आगे और राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें बढ़ती हैं। फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।