पटना। बिहार की राजधानी के पिरबहोर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया, जहां अशोक राजपथ स्थित नवनिर्मित डबल डेकर पुल से एक 24 वर्षीय युवती ने खुदकुशी की कोशिश की। युवती की पहचान शिवहर जिले के तरियानी निवासी ज्ञानति कुमारी के रूप में हुई है। गनीमत यह रही कि नीचे मौजूद स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता ने उसे मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।

​घर से लापता होने के बाद पटना में मिली युवती

​परिजनों के अनुसार, ज्ञानति गुरुवार सुबह अचानक घर से लापता हो गई थी। परिवार के सदस्य उसकी काफी तलाश कर रहे थे और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में थे, तभी उन्हें पटना से सूचना मिली कि उनकी बेटी ने सुसाइड की कोशिश की है। फिलहाल युवती का इलाज अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति में सुधार है।

​मां की फटकार बनी नाराजगी की वजह

​ज्ञानति की मां मेनिका कुमारी, जो शिवहर सिविल कोर्ट में ‘अधिकार मित्र’ के पद पर कार्यरत हैं, ने घटना के पीछे की वजह साझा की। उन्होंने बताया कि ज्ञानति अक्सर उनके कोर्ट जाने के बाद बिना बताए घूमने निकल जाती थी। इसी बात को लेकर गुरुवार सुबह उन्होंने ज्ञानति को कड़ी डांट लगाई थी। इस फटकार से आहत होकर वह घर छोड़कर निकल गई और सीधे पटना पहुंच गई।

​55 फीट ऊंचे पुल पर हाई वोल्टेज ड्रामा

​प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अशोक राजपथ के 55 फीट ऊंचे डबल डेकर पुल की रेलिंग पर युवती काफी देर तक बैठी रही। वह नीचे की ओर देख रही थी, जिसे देख भारी भीड़ जमा हो गई। लोग उसे समझाने और नीचे उतरने के लिए कहते रहे। अचानक भीड़ में किसी को देखकर युवती घबरा गई और उसने सीधे पुल के नीचे छलांग लगा दी।

​देवदूत बनकर आए स्थानीय लोग

​जैसे ही युवती नीचे गिरी, पुल के नीचे मौजूद जांबाज लोगों ने उसे जमीन पर टकराने से पहले ही हवा में कैच कर लिया। इस सूझबूझ भरी कोशिश के कारण ज्ञानति की जान बच गई, हालांकि उसे कुछ चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

​पुलिस की कार्रवाई और जांच

​पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा ने बताया कि युवती को होश आ गया है, लेकिन वह अभी स्पष्ट बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस युवती के पूरी तरह ठीक होने का इंतजार कर रही है ताकि उसका आधिकारिक बयान दर्ज किया जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस कदम के पीछे कोई और गंभीर वजह या अपराध तो नहीं है। यदि किसी संदिग्ध भूमिका की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।