कुंदन कुमार/पटना। पटना के इको पार्क क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय छेड़ दिया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सड़क किनारे कचरे के ढेर में एक बड़ी लालटेन फेंक रहा है। यह लालटेन पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के पूर्व आधिकारिक आवास से निकाली गई है।

​विवाद का केंद्र: लालटेन और राजनीति

​बता दें कि पटना का यह बंगला अब नवनियुक्त मंत्री लखींद्र पासवान को आवंटित किया गया है। वर्तमान में इस आवास में नवीनीकरण और मरम्मत का काम चल रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान वहां रखी पुरानी लालटेन को हटाकर बाहर फेंक दिया गया। यह घटना इसलिए भी सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि ‘लालटेन’ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का आधिकारिक चुनाव चिन्ह है।

​वायरल वीडियो और बयान

​वीडियो में जो लड़का लालटेन फेंकते हुए दिखाई दे रहा है, वह एक बड़ा ही तल्ख और कटाक्ष भरा बयान देते हुए सुनाई देता है। उसने कहा अब बिहार में 18 से 22 घंटे बिजली रहती है, हर जगह बिजली की व्यवस्था है, तो अब इस लालटेन का क्या काम है? यह टिप्पणी सीधे तौर पर राजद की उस विकास शैली पर तंज है, जिसका प्रतीक लालटेन को माना जाता रहा है।

​सियासी गलियारों में हलचल

​भले ही यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आवास खाली करने का हिस्सा हो, लेकिन इसे राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। सत्ता पक्ष के समर्थकों द्वारा इसे ‘विकास बनाम पुराने दौर’ की जीत के रूप में पेश किया जा रहा है, वहीं राजद समर्थकों के लिए यह अपने पार्टी चिन्ह के अपमान का मुद्दा बना हुआ है। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
​यह घटना दिखाती है कि कैसे आधिकारिक आवासों के बदलने के साथ न केवल फर्नीचर और सामान बदलते हैं, बल्कि राजनीतिक संकेत भी मिलते हैं। फिलहाल, यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है और लोग इस पर अपने-अपने तरीके से सियासी अर्थ निकाल रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस पर क्या रुख अपनाता है।