पटना। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। आगामी वर्ष मार्च तक पटना की सड़कों से डीजल और सीएनजी बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इनकी जगह पर अब केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस एसी इलेक्ट्रिक बसें ही शहर की सड़कों पर नजर आएंगी। इस योजना के तहत परिवहन विभाग द्वारा बेली रोड, दानापुर, पटना सिटी, फुलवारी-एम्स, बिहटा, मनेर और दीघा समेत शहर के कुल 20 प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

​अगले महीने से होगी शुरुआत, पहले चरण में हटेंगी 25 सीएनजी बसें

​इस महत्वाकांक्षी योजना की औपचारिक शुरुआत अगले महीने से ही होने जा रही है। पहले चरण के अंतर्गत पटना की सड़कों से 25 पुरानी सीएनजी बसों को हटाया जाएगा और उनकी जगह पर नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। वर्तमान समय में पटना की सड़कों पर केवल 22 इलेक्ट्रिक बसें ही चल रही हैं, जिनकी संख्या आने वाले हफ्तों में तेजी से बढ़ाई जाएगी।
पटना से हटाई जाने वाली इन सीएनजी बसों को बेकार नहीं किया जाएगा, बल्कि इन्हें यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरा, बक्सर, गया, जहानाबाद, नालंदा और बिहारशरीफ जैसे अन्य नजदीकी शहरों में चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट कर दिया जाएगा।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम

बसों के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से शहर में अलग-अलग जगहों पर आधुनिक चार्जिंग प्वाइंट्स और स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए नई इलेक्ट्रिक बसों में कई अत्याधुनिक फीचर्स को शामिल किया गया है:

  • ​पैनिक बटन: किसी भी आपातकालीन या संकट की स्थिति में यात्री तुरंत पैनिक बटन दबाकर सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
  • ​सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस: सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बस के भीतर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे और लाइव जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
  • ​24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग: बसों की प्रत्येक गतिविधि और रूट पर परिवहन निगम मुख्यालय के मुख्य कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे सीधी नजर रखी जाएगी।