मोहम्मद करीमुल्लाह/मधुबनी। देश में लगातार सामने आ रहे NEET पेपर लीक मामलों, शिक्षा व्यवस्था के गंभीर भ्रष्टाचार और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर हो रहे पुलिसिया दमन के विरोध में आज मधुबनी में एक विशाल छात्र-युवा आक्रोश मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना के राजभवन मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और पानी की बौछारों के खिलाफ आयोजित किया गया था।

​रेलवे स्टेशन से अंबेडकर स्मारक तक निकला मार्च

​आज सुबह 11 बजे मधुबनी रेलवे स्टेशन से इस मार्च की शुरुआत हुई। सैकड़ों छात्र-युवाओं का यह कारवां शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए वाटसन हाई स्कूल पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया। कार्यक्रम का समापन बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक के पास हुआ। इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व सुरेन्द्र कुमार चौधरी, आलोक देवराज, मयंक कुमार, राजा जी, मिथलेश यादव, संजीव राम, राजीव कुमार रमन और अवधेश ऋषि ने किया। इस दौरान पूरा शहर केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ छात्र-युवाओं की नारेबाजी से गूंज उठा।

​लोकतांत्रिक आवाज को दबाना चाहती है सरकार

​सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि NEET पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज कर सरकार उनकी लोकतांत्रिक आवाज़ को कुचलना चाहती है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बिहार और देश का युवा अब इस दमन से डरने वाला नहीं है। पुलिस के बल पर आंदोलनों को दबाया नहीं जा सकता, और छात्र अपने रोजगार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली तथा बेहतर शिक्षा के लिए अपना संघर्ष पूरी ताकत से जारी रखेंगे।

​प्रदर्शन के दौरान उठाई गईं प्रमुख मांगें

​इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं और छात्रों ने ये मुख्य मांगें रखीं:

  • ​शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें।
  • ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पद से इस्तीफा दें।
  • ​NEET पेपर लीक की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
  • ​नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग कर परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए।
  • ​छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों पर पुलिसिया लाठीचार्ज पूरी तरह बंद हो।
  • ​महिला प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए।
  • ​दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए दमन की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
  • ​नेताओं ने चेतावनी दी कि लाठी के जोर पर युवाओं की आवाज दबाने के हर हथकंडे का कड़ा लोकतांत्रिक प्रतिरोध किया जाएगा।