पटना के फतुहा इलाके में प्रशासन और एक निजी कंपनी की संयुक्त कार्रवाई ने नकली खाद्य पदार्थों के अवैध कारोबार का एक बड़ा खुलासा किया है। फतुहा की को-ऑपरेटिव कॉलोनी में स्थित एक आवासीय मकान पर की गई छापेमारी के दौरान लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का नकली फॉर्च्यून रिफाइंड और सोयाबीन तेल बरामद किया गया है। मौके से भारी मात्रा में ब्रांडेड कंपनियों के रैपर, पैकिंग सामग्री और सीलिंग मशीनें भी जब्त की गईं।

​कैसे हुआ मामले का खुलासा?

​कोलकाता की आईटी लीगल सर्विस टीम को पिछले काफी समय से इस बात की लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि फतुहा क्षेत्र में मशहूर खाद्य ब्रांड ‘फॉर्च्यून’ के नाम पर बड़े पैमाने पर नकली तेल का उत्पादन किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आईटी लीगल सर्विस टीम के निदेशक टुनटुन चक्रवर्ती ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और एक विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की योजना बनाई।
​फतुहा के को-ऑपरेटिव कॉलोनी स्थित आरोपी विकास कुमार (पिता- विजय साव) के घर पर जब पुलिस टीम ने दबिश दी, तो वहां चल रहे अवैध कारखाने का सच सामने आ गया। छापेमारी के दौरान घर के अंदर नकली तेल तैयार करने से लेकर उसकी ब्रांडेड पैकेजिंग तक का पूरा सेटअप अवैध रूप से संचालित पाया गया।

​भारी मात्रा में सामग्री और सैंपल जब्त

​अवैध कारखाने से पुलिस ने केवल तैयार नकली तेल ही नहीं, बल्कि बाजार में खपाने के लिए तैयार किए गए फॉर्च्यून ब्रांड के सैकड़ों नकली रैपर, खाली डिब्बे, सील करने वाली मशीनें और कच्चा माल भी बरामद किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बुलाई गई फोरेंसिक टीम ने जब्त किए गए सभी उत्पादों और सामग्रियों के नमूने (सैंपल्स) अपनी कस्टडी में ले लिए हैं, जिन्हें विस्तृत प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस नकली तेल को तैयार करने में किस स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा था।

​मुख्य आरोपी हिरासत में

​फतुहा थानाध्यक्ष श्री मंत कुमार सुमन ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अवैध फैक्ट्री के मुख्य संचालक विकास कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, उससे थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य चेहरों और पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
​जांच एजेंसी और पुलिस संयुक्त रूप से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह नकली तेल पिछले कितने समय से और पटना के किन-किन बाजारों, दुकानों या ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा था। इस खुलासे ने एक बार फिर बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भी चिंता का माहौल है।