पटना/गाजियाबाद। विदेशों में पढ़ाई के नाम पर छात्रों और उनके परिजनों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पटना और गाजियाबाद पुलिस ने संयुक्त रूप से भंडाफोड़ किया है। गिरोह के मुख्य आरोपी विवेक भटनागर को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई बख्तियारपुर पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के बाद की गई।

​क्या है पूरा मामला?

​बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानीसराय निवासी रौशन कुमार ने अपनी पत्नी मेनका कुमारी को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कार्डिफ विश्वविद्यालय में MBBS-MS की पढ़ाई के लिए भेजने की योजना बनाई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात गाजियाबाद निवासी विवेक भटनागर से हुई। भटनागर ने उन्हें वेट इंटरप्राइजेज नामक एक एजेंसी से मिलवाया जहां अभिषेक वर्मा, रूपाली वर्मा और सूरज वर्मा जैसे अन्य संदिग्ध भी शामिल थे।
​आरोपियों ने रौशन को प्रलोभन दिया कि वे मात्र 9 लाख रुपये में विश्वविद्यालय में दाखिला, वीजा और वहां पार्ट-टाइम जॉब की सुविधा उपलब्ध करा देंगे। विश्वास में आकर रौशन ने प्रक्रिया शुरू करने के लिए बतौर अग्रिम राशि 3 लाख 85 हजार रुपये का भुगतान कर दिया।

​फर्जी दस्तावेज से फंसाया जाल में

​ठगों ने मामले को विश्वसनीय बनाने के लिए मेनका कुमारी का एक कथित इंटरव्यू भी लिया। इसके बाद उन्हें विश्वविद्यालय का एक फर्जी एडमिशन सर्टिफिकेट सौंपा गया। इसे देखकर पीड़ित परिवार को लगा कि दाखिला पक्का हो गया है। हालांकि तीन महीने बीतने के बाद भी जब प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो रौशन को संदेह हुआ। उन्होंने कार्डिफ विश्वविद्यालय को आधिकारिक ईमेल भेजकर सत्यता की पुष्टि करनी चाही। विश्वविद्यालय से मिले जवाब ने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी; संस्थान ने स्पष्ट किया कि वहां इस नाम से कोई दाखिला प्रक्रिया नहीं हुई और न ही कोई प्रवेश दर्ज है।

​पुलिस की कार्रवाई और तलाश जारी

​धोखाधड़ी का अहसास होते ही रौशन कुमार ने बख्तियारपुर थाने में मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और जाल बिछाकर मुख्य आरोपी विवेक भटनागर को गिरफ्तार कर लिया।
​एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि विवेक के अलावा इस मामले में अभिषेक वर्मा, रूपाली वर्मा और सूरज वर्मा को नामजद किया गया है। फिलहाल अन्य तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। साथ ही पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि इस संगठित गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में कितने और छात्रों को अपना शिकार बनाया है।