पटना के मुख्य रेलवे स्टेशन यानी पटना जंक्शन पर यात्रियों की गाढ़ी कमाई और कीमती सामान उड़ाने वाले एक बड़े सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के आठ सदस्यों को दबोच लिया है। आरोपियों के पास से चोरी किए गए सात अत्याधुनिक मोबाइल फोन और बहुमूल्य चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि यह सारा सामान किन-किन यात्रियों का है, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लौटाया जा सके।
पुलिस को देखकर भागे, घेराबंदी कर दबोचा
यह पूरी सफलता मंगलवार को स्टेशन परिसर में नियमित निगरानी के दौरान मिली। रेल पुलिस के जवानों की नजर प्लेटफॉर्म संख्या 4-5 के पश्चिमी छोर पर खड़े कुछ संदिग्ध युवकों पर पड़ी, जो आपस में किसी बात पर चर्चा कर रहे थे। जैसे ही पुलिस दल उनकी तरफ बढ़ा, सभी युवक हड़बड़ा कर भागने लगे। पुलिस ने बिना देर किए चौकसी दिखाते हुए उनकी घेराबंदी की और सभी आठों को मौके पर ही धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का यह सारा माल बरामद हुआ।
पहचाने गए शातिर चोर और उनका नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों में पटना के रहने वाले सुमित कुमार, मो. ताजू, सिट्टू कुमार, मो. इरशाद आलम और सुनील कुमार शामिल हैं। इनके अलावा नालंदा से राहुल कुमार, सीतामढ़ी से रूपेश कुमार और अरवल से रोहित कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इनमें से कई बदमाशों के खिलाफ पहले से ही विभिन्न रेल थानों और अन्य थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इनके पूरे आपराधिक इतिहास का कच्चा-चिट्ठा सामने आ सके।
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाते थे। भीड़भाड़ के बीच यात्रियों को चकमा देकर उनके मोबाइल और बैग से जेवर चुराकर आसानी से फरार हो जाते थे। रेल पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार पटना के अलावा अन्य रेलवे स्टेशनों से जुड़े हैं या नहीं और इनके साथ कितने अन्य लोग संलिप्त हैं। सभी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।


