पटना। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक शातिर शराब माफिया जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था लेकिन सुबह की गश्त के दौरान एएसआई अरविंद निराला की सतर्कता ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस को देख भागा, पीछा कर दबोचा
घटना के अनुसार एएसआई अरविंद निराला अपनी टीम के साथ सुबह गश्त पर निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर जितेंद्र पर पड़ी। पुलिस को देखते ही आरोपी हड़बड़ा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। एएसआई ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत उसका पीछा किया और कुछ दूर दौड़ाने के बाद उसे धर दबोचा।
आपराधिक इतिहास और जक्कनपुर पुलिस को सुपुर्दगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार जितेंद्र का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पूर्व में भी शराब तस्करी के मामलों में जेल की हवा खा चुका है। वर्तमान में वह कोतवाली थाने में दर्ज दो मामलों में जमानत पर बाहर था। कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जक्कनपुर थाना पुलिस को सौंप दिया है। दरअसल 3 मार्च 2026 को मीठापुर सब्जी मंडी के पास एक घर में छापेमारी हुई थी जहां सब्जी के कैरेट में छिपाकर रखी गई अवैध शराब बरामद की गई थी। उस दौरान मौके से जितेंद्र के नाम के दस्तावेज और चेक मिले थे जिससे उसकी संलिप्तता स्पष्ट हो गई थी।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ साजिश का खुलासा
पूछताछ में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जितेंद्र ने स्वीकार किया कि वह कोतवाली थाने के कुछ पुलिसकर्मियों के संपर्क में था। उन्हीं के इशारे पर वह एक अन्य पुलिसकर्मी को फंसाने और बदनाम करने की नीयत से लगातार वरीय अधिकारियों के पास झूठी शिकायतें भेज रहा था। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने थाने में ही उस पुलिसकर्मी से माफी मांगी। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। इस गिरफ्तारी से स्थानीय पुलिस महकमे में उन लोगों के बीच हड़कंप मच गया है जो माफिया के साथ मिलकर इस तरह की साजिशों में लिप्त थे। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

