पटना। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ब्राह्मण समाज की उपेक्षा के विरोध में रविवार को राजधानी पटना में लोकमंच के तत्वावधान में विशाल मौन संकल्प पदयात्रा आयोजित की गई। लोकमंच के संस्थापक आशीष कुमार उर्फ बब्बू झा के नेतृत्व में यह यात्रा मिलर स्कूल मैदान से शुरू होकर आयकर गोलंबर और विधानसभा होते हुए शहीद स्मारक पर संपन्न हुई। इस प्रदर्शन में पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी और दरभंगा समेत बिहार के विभिन्न जिलों से लगभग 10 हजार लोगों ने हिस्सा लिया।

​कल्याण बोर्ड के गठन और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग

​पदयात्रा के माध्यम से लोकमंच ने सरकार के समक्ष 15 सूत्री मांगें रखीं। संगठन की प्रमुख मांगों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर बिहार में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन शामिल है। इसके अलावा, राज्य प्रशासन में ब्राह्मण अधिकारियों को समानुपातिक पदस्थापन देने तथा राजनीतिक क्षेत्र में समाज के योगदान के आधार पर उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। लोकमंच ने मांग की कि सरकार राज्य में ब्राह्मणों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करे।

​ईडब्ल्यूएस आरक्षण में सुधार और शैक्षणिक राहत

​पदयात्रा के दौरान युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। मांग की गई कि ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अवसरों की समानता, तथा नवोदय, नेतरहाट, केंद्रीय विद्यालयों और मेडिकल-इंजीनियरिंग कॉलेजों के) नामांकन में आरक्षण दिया जाए। इसके अतिरिक्त, गोस्वामी/गिरि दशनामी ब्राह्मण समाज के वर्गीकरण की विसंगति दूर करने और परशुराम जयंती (अक्षय तृतीया) पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की गई।

​भूमि विवाद, उद्यमिता और सांस्कृतिक विरासत

​संगठन ने 1990 से 2005 के बीच ब्राह्मण समाज की रैयती भूमि पर हुए अवैध कब्जों की जांच कराकर भूमि वापसी की मांग की। साथ ही, सहरसा में स्वीकृत मंडन मिश्र विश्वविद्यालय परियोजना को पुनर्जीवित करने, पटना में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में वैदिक परंपरा के अनुसार सुविधाएं बहाल करने पर जोर दिया गया। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य की उद्यमी योजनाओं में प्राथमिकता और आसान ऋण-अनुदान की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।