कुंदन कुमार, पटना। शहर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में मद्य निषेध विभाग को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया गया। हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महुआबाग इलाके में विभाग की टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जप्त की है। इस कार्रवाई से अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध विभाग को यह पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि महुआबाग क्षेत्र में अवैध शराब का बड़ा जखीरा छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मद्य निषेध निरीक्षक दीपक महतो के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल (टीम) का गठन किया। इस टीम को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया, ताकि आरोपी किसी भी तरह की चालाकी करके सबूत या शराब को ठिकाने न लगा सकें।
कमरे से हुई भारी मात्रा में शराब की जब्ती
छापेमारी के दौरान टीम ने महुआबाग स्थित एक संदिग्ध किराए के कमरे को खंगाला। यह कमरा रंजन कुमार नाम के व्यक्ति द्वारा किराए पर लिया गया था। तलाशी के दौरान कमरे के भीतर से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। प्रशासनिक नियमों के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए उस किराए के कमरे को सील कर दिया गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया और फॉरेंसिक जांच सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस छापेमारी में बरामद की गई कुल शराब की मात्रा 733.090 लीटर है। बोतलों की गिनती करने पर यह कुल 2497 पीस पाई गई। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार मूल्य के आकलन के अनुसार, जप्त की गई इस अवैध शराब की कुल अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 80 हजार रुपए आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब का मिलना यह स्पष्ट करता है कि यहां किसी बड़े अवैध नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
गिरफ्तारी और अंतरराज्यीय तस्करी का खुलासा
इस पूरे मामले में पुलिस और मद्य निषेध विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजाबाजार, पटना निवासी रंजन कुमार के रूप में हुई है। विभाग की टीम द्वारा जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कई चौकाने वाले खुलासे किए। रंजन कुमार ने पूछताछ के दौरान बताया कि यह शराब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे अन्य राज्यों से मंगाई जाती थी। इन बाहरी राज्यों से अवैध तरीके से शराब लाकर पटना और आसपास के इलाकों में इसकी तस्करी की जाती थी और ऊंचे दामों पर इसे बेचा जाता था।
फिलहाल, मद्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा हरियाणा से शराब लाने के लिए किन रास्तों और वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। इस सफल कार्रवाई से शराब तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है।

