कुंदन कुमार, पटना। राजधानी पटना में आज गुरुवार की शाम सिविल डिफेंस की ओर से ब्लैक आउट और हवाई हमले की मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। यह मॉक अभ्यास शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक पटना के शहरी क्षेत्रों में संचालित हुआ। घड़ी में शाम के 7 बजते ही पटना ब्लैक आउट हो गया और हवाई हमले की चेतावनी जैसे सायरन बजने लगे। इस दौरान इनकम टैक्स चौराहे के पास सभी दुकानों, घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों की सभी लाइटें बंद नजर आईं।

6 जिलों में हुआ मॉकड्रिल का आयोजन

बता दें कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह मॉकड्रिल किया जा रहा है। राजधानी पटना समेत 6 जिलों पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज और अररिया में ​मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जहां शाम के 7 बजते ही सायरन की आवाज गूंजने लगी और पूरे शहर में अंधेरा छा गया। सड़कों पर दौड़ते वाहनों की रफ्तार भी थम गए और घरों और दुकानों की लाइटें बंद हो गईं।

आपातकालीन सेवाओं पर नहीं पड़ा असर

​प्रशासन ने पहले ही यह स्पष्ट किया था कि ब्लैकआउट का असर आपातकालीन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। अस्पतालों में चिकित्सा कार्य जारी रहेगा, लेकिन उन्हें हिदायत दी गई है कि खिड़कियों पर पर्दे लगाकर यह सुनिश्चित करें कि रोशनी भवन से बाहर न निकले। सड़कों पर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

​प्रशासन ने की थी सहयोग की अपील

​पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि यह कोई वास्तविक खतरा नहीं बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए की जा रही एक ‘रिहर्सल’ है। आम जनता की भागीदारी ही इस अभ्यास की सफलता की कुंजी है। सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान चप्पे-चप्पे पर अलर्ट रहेंगी।

क्यों होता है ब्लैक आउट?

हवाई हमले जैसी आपात स्थिति में लोगों को क्या करना चाहिए और कैसे सुरक्षित रहना है? इसे लेकर आज बिहार में मॉकड्रिल किया गया। इस दौरान पूरे इलाके की लाइट बंद कर अंधेरा कर दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हवाई हमले की स्थिति में दुश्मन किसी भी रोशनी के जरिए आबादी वाले इलाकों को पहचान न सके और उन्हें निशाना न बना पाए। ब्लैकआउट का मतलब पूरी तरह से अंधेरा करना होता है।

ये भी पढ़ें- बिहार में भीषण सड़क हादसा: शिक्षिका समेत 3 लोगों की दर्दनाक मौत, एक घायल