Bihar news: पटना नगर निगम और राज्य के अन्य नगर निकायों के सफाईकर्मी आज लगातार चौथे दिन भी हड़ताल पर डटे हुए हैं। इस हड़ताल के कारण पटना की सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे चारों तरफ फैली बदबू से आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। स्थिति तब और भी गंभीर हो सकती है यदि बारिश हो जाए, क्योंकि इससे जलभराव और गंदगी से महामारी का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है।

​पुलिस सुरक्षा के बीच कचरा उठाव और धारा 163 लागू

​सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शुक्रवार और शनिवार की देर रात पुलिस बल की कड़ी निगरानी में शहर के विभिन्न हिस्सों से कचरे का उठाव किया गया। दूसरी ओर, सफाईकर्मियों द्वारा निगम मुख्यालय में लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौर्य लोक परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 यानी BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
​नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि प्रशासन की ओर से अब उन्हें 100 अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराए गए हैं। अब से मॉर्निंग शिफ्ट में भी पुलिस सुरक्षा के साथ सफाई का कार्य कराया जाएगा। इसके अलावा, हर वार्ड के लिए SI (सफाई निरीक्षक) स्वयं 20 नए कर्मी रख सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर जेसीबी, हाईवा, ट्रैक्टर और डंपर जैसे वाहन किराए पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये (कुल 7.5 लाख रुपये) की राशि तुरंत आवंटित की गई है।

​असामाजिक तत्वों पर सख्ती और एजेंसियों पर एक्शन

​हड़ताल के दौरान नूतन राजधानी अंचल में काम कर रहे सफाईकर्मियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमले की घटनाएं सामने आई हैं। यार्ड में खड़े वाहनों के टायर पंचर करने और कर्मचारियों को डराने-धमकाने की शिकायतों को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है, जिसके चलते सभी प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
​निगम ने हड़ताल के दौरान व्यवस्था को ठप करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर 22.65 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया है। गुरुवार और शुक्रवार को इन एजेंसियों ने अनुबंध के मुताबिक पर्याप्त मैनपावर और ड्राइवर मुहैया नहीं कराए थे। इसे अनुबंध का खुला उल्लंघन मानते हुए निगम ने सभी एजेंसियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है, तो उनके अनुबंध रद्द कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

​नगर आयुक्त की अपील और वेतनवृद्धि का आश्वासन

​नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी हड़ताली सफाईकर्मियों से काम पर वापस लौटने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी निगम की रीढ़ की हड्डी हैं और उनके कल्याण के लिए हमेशा प्रयास किए जाते रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीतिगत फैसलों में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों के सभी हक और लाभ उन्हें अवश्य मिलेंगे। किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। निगम ने अगस्त 2026 से प्रभावी वेतनवृद्धि का एरियर सहित भुगतान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।