कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक रोक और पुलिस की सख्ती के बावजूद छात्र सड़कों पर उतरकर लगातार उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का एक दल उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के आवास का घेराव करने के बाद सीधे मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गया है। छात्रों का मुख्य आरोप और मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है।
गांधी मैदान से शुरू हुआ टकराव और लाठीचार्ज
प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान क्षेत्र से हुई थी। छात्रों के बढ़ते हुजूम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने शुरुआती दौर में वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। हालांकि सरकार के निर्देश के बाद पुलिस को बल प्रयोग रोकने का आदेश दिया गया। इसके बाद बेकाबू हुए छात्रों ने पुलिस की कई बैरिकेडिंग और घेराबंदी को तोड़ दिया और मंत्रियों के आवास की तरफ कूच कर गए।
विधानसभा की सुरक्षा बढ़ाई गई, कई टुकड़ों में बंटा प्रदर्शन
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस की घेराबंदी टूटने के बाद छात्र छोटे-छोटे समूहों में बंटकर पटना के अलग-अलग इलाकों में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर तनाव, वाटर कैनन का प्रयोग
ताजा अपडेट के अनुसार, छात्रों का एक बड़ा जत्था मुख्यमंत्री आवास के बाहर तक पहुंच गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और छात्रों को खदेड़ने के लिए पुलिस को दोबारा वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। प्रशासन छात्रों को समझाने और तितर-बितर करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।


