गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के पेंड्रा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टा गिरोह और फर्जी सिम कार्ड के अवैध कारोबार से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। थाना पेंड्रा में दर्ज अपराध में पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड, म्यूल बैंक खातों और ऑनलाइन सट्टे के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है और मामला ट्रायल के अंतिम चरण में है।

छापेमारी में सामने आया ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, 14 मई 2024 को की गई छापेमारी के दौरान ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी पहचान दस्तावेजों के आधार पर जारी किए गए सिम कार्डों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था।

फर्जी दस्तावेजों से तैयार किए गए सिम कार्ड

जांच में मुख्य आरोपी योगेश देवांगन की भूमिका सबसे अहम पाई गई। पुलिस के मुताबिक, वह पीओएस संचालक के रूप में फर्जी नाम और दस्तावेजों के जरिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी कर उन्हें अवैध रूप से बेचता था। इन सिम कार्डों को विनायक ताम्रकार के माध्यम से सट्टा संचालकों और अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस ने योगेश देवांगन के कब्जे से फर्जी सिम कार्ड, लैपू (LAPU) सिम, स्कैनिंग डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर सिम कार्ड खरीदने वाले अन्य आरोपियों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

‘राजा रानी बुक ग्रुप’ के जरिए संचालित होता था सट्टा

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रितेश सुल्तानिया उर्फ गुनगुन और मधुर जैन द्वारा ‘राजा रानी बुक ग्रुप’ के नाम से ऑनलाइन सट्टे का संचालन किया जा रहा था। वहीं प्रकाश केंवट और हर्ष जायसवाल एजेंट के रूप में कार्य करते हुए ग्राहकों से सट्टा लगवाने का काम करते थे।

म्यूल बैंक खातों से होता था लेन-देन

जांच में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन सट्टे से जुड़े आर्थिक लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। इस कार्य में अजय यादव, जितेंद्र सोनवानी, राज कुमार, राहुल कोरी और अनुराग सोनी द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराए गए, जिनका उपयोग अवैध लेन-देन के लिए किया जाता था।

11 आरोपी गिरफ्तार, ट्रायल अंतिम चरण में

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया तथा रिमांड पर लिया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। वर्तमान में मामला ट्रायल के अंतिम चरण में है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 6, 7 और 8, भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों से संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के दौरान जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। अब इस बहुचर्चित मामले में न्यायालय के अंतिम निर्णय का इंतजार है।

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