अविनाश श्रीवास्तव/सूर्यपुरा/रोहतास। पद्म भूषण से सम्मानित महान साहित्यकार और सूर्यपुरा स्टेट के पूर्व राजा राधिका रमन सिंह द्वारा स्थापित दुर्गा पूजा समिति की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। सोमवार को सूर्यपुरा के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा पर संकट गहरा गया है।
छह दशक पुरानी परंपरा पर संकट
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1966 में राजा राधिका रमन सिंह ने अपनी निजी भूमि पर दुर्गा पूजा की शुरुआत करवाई थी। पिछले 60 वर्षों से अधिक समय से इसी स्थान पर भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है। यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि राजा साहब की विरासत का भी अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में कुछ लोग फर्जी दावे करते हुए इस जमीन पर अपना अधिकार जता रहे हैं।
निर्माण कार्य से बढ़ा विवाद
तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब दावा करने वाले कुछ लोगों ने पूजा समिति की जमीन पर अनधिकृत निर्माण कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त लोगों का दावा है कि सूर्यपुरा स्टेट के परिवार द्वारा उन्हें यह भूमि बेच दी गई है जबकि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है। स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक धरोहर को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
प्रशासन की शिथिलता पर सवाल
विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सूर्यपुरा के अंचलाधिकारी (CO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि जब उन्होंने पहली बार प्रशासन से गुहार लगाई थी तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हुए और आज स्थिति यह हो गई कि पूजा स्थल की जमीन ही खतरे में पड़ गई है।
ऐतिहासिक विरासत पर कब्जे का खेल
बता दें कि राजा राधिका रमन सिंह की स्मृति और सूर्यपुरा स्टेट की तमाम अचल संपत्तियों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। परिवार के सदस्य वर्तमान में यहां निवास नहीं कर रहे हैं जिसका लाभ उठाकर भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस अवैध कब्जे को नहीं हटाया और अतिक्रमणकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल अंचल कार्यालय पर भारी भीड़ जमा है और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता के प्रयास जारी हैं।

