अनुराग शर्मा, सीहोर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे नजदीकी जिले सीहोर में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। पिछले कुछ समय से लगातार हो रही मूल्यवृद्धि से परेशान जनता के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि मात्र 11 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में 4 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिसने महंगाई की मार झेल रहे नागरिकों को दोहरा झटका दिया है।
क्यों और कैसे बढ़े दाम?
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा की गई इस हालिया बढ़ोतरी के बाद सीहोर में ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं। पेट्रोल 114 लीटर मिल रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इन 11 दिनों में पेट्रोल प्रति लीटर ₹2.61 महंगा हो गया है। डीजल प्रति लीटर ₹2.71 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आया उछाल और घरेलू स्तर पर लगने वाले भारी टैक्स (VAT और एक्साइज ड्यूटी) को इस बेतहाशा बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। तेल कंपनियों द्वारा दैनिक समीक्षा के नाम पर धीरे-धीरे बढ़ाए गए इन दामों ने आम उपभोक्ता की जेब पर सीधा डाका डाला है।
जनता में भारी आक्रोश
राजधानी के मुहाने पर बसे सीहोर जिले के नौकरीपेशा, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों में इस बढ़ोतरी को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगे होने से न सिर्फ रोजमर्रा का आवागमन खर्चीला हो गया है, बल्कि मालभाड़ा बढ़ने से सब्जी, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने तय हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि डीजल महंगा होने से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उनका मुनाफा खत्म होता जा रहा है। लोगों ने सरकार से तुरंत दखल देने और टैक्स में कटौती कर राहत पहुंचाने की मांग की है।

