भिवानी में शनिवार को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया, जिससे 10 दिन में तीसरी बार हुई इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ गया है।
अजय सैनी भिवानी। जिले में शनिवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले महज 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद भिवानी में पेट्रोल के दाम 87 पैसे बढ़कर 100.71 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। वहीं डीजल के दामों में भी 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह लगभग 93 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।
पेट्रोल पंपों पर ग्राहकी हुई बेहद कम
तेल के दामों में आए इस उछाल का सीधा असर अब भिवानी के स्थानीय पेट्रोल पंपों पर साफ देखने को मिल रहा है। शहर के महम गेट चौक स्थित पेट्रोल पंप से सामने आई तस्वीरों में साफ है कि यहां अब इक्का-दुक्का वाहन ही तेल डलवाने पहुंच रहे हैं। पेट्रोल पंप पर तैनात सेल्समैन का कहना है कि लगातार रेट बढ़ने के कारण ग्राहकी काफी कम हो गई है। लोग अब जरूरत के हिसाब से ही सीमित मात्रा में तेल खरीद रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।

घर का बजट बिगड़ा, जनता ने लगाई गुहार
बढ़ते दामों को लेकर वाहन चालकों ने कहा कि जनता पहले से ही चारों तरफ से महंगाई की मार झेल रही है। ऐसे में ईंधन की इस बेतहाशा मूल्यवृद्धि ने घर का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा दिया है। परेशान जनता ने सरकार से तुरंत गुहार लगाई है कि वह टैक्स और कीमतों को कम करके आम जनता को राहत प्रदान करे। वाहन चालकों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने का खतरा का खतरा मंडराने लगा है।
2014 से पहले के दामों की होने लगी चर्चा
ईंधन की इस लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब शहर के चौक-चौराहों पर आम जनता के बीच पुरानी सरकारों के दौर की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। लोग खुलकर बात कर रहे हैं कि साल 2014 से पहले जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव 118 डॉलर प्रति बैरल तक थे, तब देश में पेट्रोल 70 से 71 रुपये प्रति लीटर बिकता था। उस समय का विपक्ष सड़कों पर आकर जनता के हक की हुंकार भरता था, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद उनका नजरिया पूरी तरह बदल चुका है।

