Business Desk – Petrol Price Hike 2026 : तेल कंपनियों ने आज, 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए और डीजल की कीमत 95.20 रुपए हो गई है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले 11 दिनों में लगातार बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है. इस दौरान पेट्रोल कुल 7.40 रुपए प्रति लीटर और डीजल 7.52 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है.

15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 19 मई को दोनों ईंधनों के दाम में 90-90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ. फिर 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ.

सबसे बड़ी बढ़ोतरी 25 मई को देखने को मिली, जब पेट्रोल के दाम 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए गए. लगातार बढ़ती कीमतों के बाद अब दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है.

चारों महानगरों में पेट्रोल के नए दाम

देश के चार बड़े महानगरों में पेट्रोल की नई कीमतें लागू कर दी गई हैं. हालिया बढ़ोतरी के बाद सबसे महंगा पेट्रोल कोलकाता में बिक रहा है, जहां कीमत 113.51 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है. यहां पेट्रोल के दाम में 2.87 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.

राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अब 102.12 रुपए प्रति लीटर हो गया है. यहां कीमतों में 2.61 रुपए प्रति लीटर का इजाफा दर्ज किया गया. वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है, जहां 2.72 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई.

दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में भी पेट्रोल महंगा हुआ है. यहां नई कीमत 107.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है और दाम में 2.46 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है. लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है.

एशियन और अमेरिकी बाजारों में तेजी

एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली. साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 32 अंक यानी 0.41% की बढ़त के साथ 7848 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स 1887 अंकों यानी 2.98% की तेजी के साथ 65226 के स्तर पर पहुंच गया. हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 220 अंक यानी 0.86% चढ़कर 25606 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया.

इससे पहले 22 मई को अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती दर्ज की गई थी. डाउ जोन्स 294 अंक यानी 0.58% चढ़कर 50580 पर बंद हुआ. टेक आधारित नैस्डैक इंडेक्स 51 अंक यानी 0.19% बढ़कर 26344 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं S&P 500 इंडेक्स 28 अंक यानी 0.37% की तेजी के साथ 7473 के स्तर पर बंद हुआ.

ईरान-अमेरिका शांति समझौते से बाजार में उत्साह

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौता माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के साथ जंग खत्म करने का समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है और खाड़ी देशों के नेताओं व इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद यह समझौता फाइनल हो सकता है.

ट्रम्प ने यह भी कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा. यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का करीब 20% हिस्सा गुजरता है. ऐसे में अगर यह रास्ता सामान्य रूप से खुलता है तो क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है.

अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं

पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर अब रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है. ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं. खेती-किसानी की लागत भी बढ़ेगी. ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज और अन्य कृषि उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं. सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं. भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने पर उसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है.

कच्चे तेल को रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है. इसके बाद केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और रोड सेस लगाती है. फिर डीलर कमीशन जुड़ता है और आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल टैक्स लगाती हैं. यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं.