दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के अमरनाथ कहे जाने वाले सुप्रसिद्ध नागद्वारी गुफा की वार्षिक यात्रा इस साल अगस्त में शुरू होने जा रही है। नागपंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक नागद्वारी मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। 

नर्मदापुरम के कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने खुद अधिकारियों की टीम के साथ दुर्गम और कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल ट्रैकिंग कर मंदिर मार्ग और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि मेले के दौरान यहाँ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल और स्वच्छता जैसी तमाम मूलभूत सुविधाएं चाक-चौबंद मिलनी चाहिए।

पचमढ़ी की सुरम्य वादियों और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच स्थित नागद्वारी मेला प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा के नेतृत्व में अधिकारियों के दल ने जलगली, नागफनी, कालाझाड़, चिंतामन और स्वर्गद्वार जैसे अत्यंत कठिन रास्तों का पैदल भ्रमण किया। ​प्रशासन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण देना है। 

कलेक्टर ने लोक निर्माण, वन और विद्युत विभाग को समय सीमा में ट्रैकिंग रास्तों को सुधारने, संकेतक बोर्ड लगाने और विश्राम स्थल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ​यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि पचमढ़ी के स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन और एसडीएम आकिब खान सहित सभी संबंधित विभागों के आला अफसर मौजूद रहे, जिन्हें आपसी समन्वय से काम पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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