राजेश वर्मा, नारायणगढ़। अंबाला जिले के नारायणगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी सिलसिले में शुक्रवार को राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नारायणगढ़ के परिसर में एक विशेष पायलट रिहर्सल का आयोजन किया गया। इस रिहर्सल में इलाके के नायब तहसीलदार सुनील कुमार मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और आम योग साधकों के साथ मिलकर सुबह-सुबह चटाई पर योगाभ्यास किया और इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।

प्रोटोकॉल के तहत सुरेन्द्र सैनी और संजय धीमान ने कराया योगाभ्यास
इस तैयारी शिविर के दौरान पतंजलि योग समिति के सुरेन्द्र सैनी और भारतीय योग संस्थान नारायणगढ़ के योग साधक व प्राध्यापक संजय धीमान ने मुख्य ट्रेनर की भूमिका निभाई। उन्होंने सरकार द्वारा तय किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल (International Protocol) के अनुसार सभी को योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। प्रोटोकॉल का सीधा मतलब उन खास और चुनिंदा योगासनों की सूची से है, जिन्हें पूरी दुनिया में योग दिवस के दिन एक साथ और एक ही क्रम में किया जाता है ताकि कार्यक्रम में एकरूपता बनी रहे। इन प्रशिक्षकों ने हर आसन को करने का सही तरीका और उससे शरीर को मिलने वाले फायदों के बारे में भी बारीकी से समझाया।
योग सिर्फ कसरत नहीं, बल्कि मानसिक शांति का बड़ा साधन है: नायब तहसीलदार
रिहर्सल के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नायब तहसीलदार सुनील कुमार ने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य और अनमोल धरोहर है। आज भारत की इस ताकत को पूरी दुनिया सलाम कर रही है और इसे दिल से अपना रही है। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक शारीरिक कसरत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह मन को शांत रखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भीतर सकारात्मक ऊर्जा जगाने का सबसे बेहतरीन माध्यम है। उन्होंने बदलते दौर की बीमारियों से बचने के लिए हर नागरिक से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
नियमित प्राणायाम से बढ़ती है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता
इस मौके पर आयुष विभाग (Ayush Department) के एएमओ यानी कनिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरविन्दर सिंह ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला। आयुष विभाग सरकार का वह विशेष मंत्रालय और विभाग है जो आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास और लोगों के स्वास्थ्य के लिए काम करता है। डॉ. गुरविन्दर ने बताया कि रोज सुबह प्राणायाम करने से हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। इस रिहर्सल में रीडर नवीन सैनी सहित कई विभागों के कर्मचारी और स्कूली छात्र मुख्य रूप से मौजूद रहे।

