कटक। ब्रह्मपुर के वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता पितबास पांडा की हत्या के मामले में ओडिशा हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व बीजेडी (BJD) विधायक बिक्रम पांडा को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश दिया। हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद करीब 10 महीने से जेल में बंद बिक्रम पांडा अब निर्धारित शर्तों के तहत रिहा हो सकेंगे।
मामला 6 अक्टूबर 2025 का है। ब्रह्मपुर में पितबास पांडा की उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हत्याकांड की साजिश में कथित भूमिका के आरोप में 22 अक्टूबर 2025 को बिक्रम पांडा को गिरफ्तार किया था।
दिसंबर में निचली अदालत ने खारिज की थी जमानत
गिरफ्तारी के बाद बिक्रम पांडा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। दिसंबर 2025 में ब्रह्मपुर एडीजे-3 कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने राहत के लिए ओडिशा हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आदित्य कुमार महापात्र की एकल पीठ ने की। अदालत ने पुलिस की ओर से दाखिल संशोधित चार्जशीट में किए गए बदलावों और आरोपी की हिरासत की अवधि समेत मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद जमानत का आदेश दिया।
संशोधित चार्जशीट में बदला आरोप
मामले में एक अहम मोड़ जुलाई 2026 में आया, जब ब्रह्मपुर पुलिस ने संशोधित चार्जशीट दाखिल की। इसमें बिक्रम पांडा समेत 14 आरोपियों के खिलाफ सीधे हत्या का आरोप, यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, हटा दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान इन आरोपियों के सीधे तौर पर हत्या को अंजाम देने में शामिल होने के कोई प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आए। इसके बाद बिक्रम पांडा पर हत्या को सीधे अंजाम देने के बजाय संगठित आपराधिक साजिश के मुख्य सूत्रधार के रूप में BNS की धारा 111 के तहत आरोप लगाया गया।
10 महीने से अधिक समय से हिरासत में थे
हाईकोर्ट ने जमानत पर विचार करते हुए इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि संशोधित चार्जशीट में बिक्रम पांडा के खिलाफ प्रत्यक्ष हत्या का आरोप हटा दिया गया है। इसके अलावा, वह 10 महीने से अधिक समय से विचाराधीन हिरासत में हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायमूर्ति आदित्य कुमार महापात्र की पीठ ने बिक्रम पांडा को निर्धारित शर्तों के साथ जमानत देने की अनुमति दी। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद मामले में उनके खिलाफ आपराधिक साजिश से जुड़ा आरोप बना हुआ है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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