PM Modi Story: Rise From Sangh to Political Journey Achievement: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन (PM Modi Birthday) है। 7 अक्तूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद 2026 में सत्ता के शीर्ष पर उनके 25 साल पूरे हो रहे हैं। नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। पीएम मोदी का वडनगर से शुरू हुआ सफर, आध्यात्मिक यात्राओं और संघ से जुड़ाव से होते हुए भाजपा संगठन तक पहुंचा। करीब तीन दशक के संगठनात्मक सफर के बाद 2001 में गुजरात की सत्ता की कमान मिली। इसके बाद 13 साल तक लगातार सीएम रहने के बाद वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।
वैसे तो नरेंद्र मोदी का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पहला परिचय आठ साल की उम्र में ही हो गया था। हालांकि 1970 के दशक में वे आरएसएस कार्यकर्ता बने। यहीं से उनका सियासी सफर शुरू हुआ। इसके बाद 1987 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। पार्टी में उनका कद तेजी से बढ़ा। इसके बाद गुजरात सीएम पद से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक का सफर तय किया।

1967 में बीएन हाई स्कूल, वडनगर से पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब 17 साल की उम्र में युवा नरेंद्र ने घर छोड़ दिया। उनका उद्देश्य आध्यात्मिक यात्रा करना था। इस दौरान उनकी मुलाकात एकनाथ रानाडे से हुई। रानाडे से मुलाकात के बाद वे विवेकानंद रॉक मेमोरियल के लिए चंदा जुटाने के अभियान से जुड़े। इस अभियान में लोगों से एक-एक रुपये का सहयोग लिया जाता था।

1968 में वे बेलूर मठ पहुंचे। उन्होंने रामकृष्ण मिशन में शामिल होने की इच्छा जताई, लेकिन वहां विश्वविद्यालय की डिग्री की आवश्यकता बताई गई। इसके बाद वे सिलीगुड़ी और गुवाहाटी होते हुए अल्मोड़ा के अद्वैत आश्रम पहुंचे। वहां भी उन्हें पढ़ाई पूरी करने की सलाह दी गई। उन्होंने गरुड़ छट्टी की गुफाओं में ध्यान किया और कड़ाके की ठंड में समय बिताया। एक तूफान के दौरान उन्होंने बचाव कार्य में भी हिस्सा लिया।

संघ से कैसे जुड़े मोदी
करीब 18 महीने की आध्यात्मिक यात्रा के बाद 1970 में वे वडनगर लौटे। वहां सिर्फ एक दिन रुकने के बाद अहमदाबाद चले गए। अहमदाबाद में उन्होंने गीतामंदिर बस स्टैंड के पास अपने चाचा बाबूभाई की चाय की दुकान पर काम किया। पास ही राष्ट्रीय सेवा संघ (आरएसएस) का डॉ. हेडगेवार भवन था। वहां उनकी पुराने परिचितों और आरएसएस कार्यकर्ताओं से दोबारा मुलाकात हुई। इसके बाद वे संगठन के काम में सक्रिय होते गए।

भाजपा से कैसे जुड़े नरेंद्र मोदी
1987 में नरेंद्र मोदी भाजपा के गुजरात संगठन से जुड़े और संगठन सचिव की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौर में लोक शक्ति यात्रा का आयोजन हुआ। अहमदाबाद नगर निगम के चुनाव में भाजपा की पहली जीत के अभियान में भी उनकी संगठनात्मक भूमिका रही। 1989 में लोक शक्ति यात्रा आयोजित हुई। 1990 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 67 सीटें जीतीं और चिमनभाई पटेल की सरकार में गठबंधन सहयोगी बनी।

10 अक्टूबर 2001 को गुजरात के सीएम बनें
नरेंद्र मोदी को गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री होने का भी गौरव प्राप्त है। 10 अक्टूबर 2001 को पहली बार गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। साल 2001 में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला और 2014 में पीएम बनने तक इस पद पर बने रहें। पीएम मोदी देस के इकलौते सीएम हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम कुर्सी तक का सफर तय किया।

26 मई, 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री बनें
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया। नरेंद्र मोदी भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने। 2014, 2019 और 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के जीत के बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनें।

2014 और 2019 के संसदीय चुनावों में मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की और दोनों बार पूर्ण बहुमत प्राप्त किया। इससे पहले किसी राजनीतिक दल ने ऐसा पूर्ण बहुमत 1984 के चुनावों में प्राप्त किया था। मोदी ने शासन में एक क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
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