Bihar News: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल केंद्रीय कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक फोर लेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब 79 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन मार्ग के निर्माण से उत्तर बिहार के कई इलाकों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। खास तौर पर मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच आवाजाही पहले के मुकाबले आसान होगी।

सीतामढ़ी जाने वालों का सफर होगा आसान

फोरलेन हाईवे बनने के बाद मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को मिलने की उम्मीद है। नई सड़क बनने के बाद यात्रा में लगने वाला समय कम हो सकता है। साथ ही, उत्तर बिहार के प्रमुख इलाकों के बीच आवागमन के लिए एक बेहतर और सुविधाजनक सड़क विकल्प उपलब्ध होगा।

कारोबार और व्यापार को भी मिलेगा फायदा

किसी भी क्षेत्र में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर सीधे तौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच फोरलेन कनेक्टिविटी बनने से बाजारों तक सामान पहुंचाने में आसानी होगी। माल ढुलाई आसान होने से कारोबारियों को फायदा मिल सकता है और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह सड़क संपर्क अहम साबित हो सकता है।

चार मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने सड़क परियोजना के साथ ही रेलवे से जुड़ी चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन रेल परियोजनाओं का लाभ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों को मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क की क्षमता में करीब 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। सड़क और रेल, दोनों क्षेत्रों में मंजूर इन परियोजनाओं को देश के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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