SCO Summit: आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में मध्य एशिया में बड़े नेताओं का जमावड़ा होने जा रहा है. यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित सम्मेलन है, जो कि 26वां के नाम से जाना जा रहा है. यह 31 अगस्त से 1 सितंबर को बिशकेक में होगा. आज सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात है.
बिश्केक में नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग एक मंच पर नजर आएंगें. SCO की अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन समेत कई बड़े नेता किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. बिश्केक में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के देश और उनके नेता बदलती जियोपॉलिटिक्स और यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच दो दिन की समिट के लिए इकट्ठा हो रहे हैं.
31 अगस्त को बिश्केक में एक ऐसी तस्वीर बन सकती है, जिस पर वॉशिंगटन से बीजिंग और मॉस्को तक नजर रहेगी. इस बार इस SCO Summit का मुख्य सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना है.
इस समिट में भारत की नजर दो नतीजों पर है, रूस से तेल और भुगतान का आसान रास्ता, चीन से सीमा पर ठोस राहत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है.
मोदी-शी की अलग बैठक को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में बात कही जा रही है, लेकिन अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है.
SCO को एक “महत्वपूर्ण संगठन” बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है. उन्होंने कहा, “मैं (किर्गिस्तान) के राष्ट्रपति सदिर झापारोव और अन्य एससीओ नेताओं से मिलने और खेलों के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का भी इंतजार कर रहा हूं.
इस SCO Summit में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे. वेस्ट एशिया में युद्ध पर बातचीत होने की उम्मीद है, खासकर इसलिए क्योंकि ईरान SCO का सदस्य है.
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