शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश में अब “झालमुड़ी VS दाल-बाटी चूरमा” की सियासी जंग तेज हो गई है! बंगाल में बीजेपी की जीत के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का “झालमुड़ी फंडा” अब मध्यप्रदेश तक पहुंचता नजर आ रहा है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के पर्यटन केंद्रों पर अब बंगाल की मशहूर झालमुड़ी भी मिल सकती है। मंत्री का कहना है कि जहां-जहां भोजन और स्वल्पाहार की व्यवस्था है, वहां अगली बैठक में झालमुड़ी को शामिल करने पर फैसला लिया जाएगा। यानी आने वाले दिनों में एमपी के टूरिस्ट स्पॉट्स पर “झालमुड़ी का जादू” देखने को मिल सकता है।
खाने का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए
सियासत में स्वाद का ये तड़का कांग्रेस को रास नहीं आया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट कर रही है। प्रदेश का असली खाना दाल-बाटी चूरमा है, जो आम आदमी की थाली में होता है। पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा—सरकार को इवेंट करने के बजाय गरीबों को सस्ता गैस सिलेंडर देना चाहिए और उनके खाने का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए।
नरेंद्र मोदी ने खाई थी झालमुड़ी
पर्यटन मंत्री धर्मेद्र सिंह लोधी ने कहा – पर्यटन विभाग के जितने भी केंद्र चल रहे हैं ऐसे स्थान संचालित है जहां पर भोजन और स्वल्पाहार की व्यवस्था होती है, अगली बैठक में तय करेंगे कि यहां भी झालमुड़ी भी उपलब्ध हो। सभी केंद्रों पर उपलब्ध होगी।झालमुड़ी का पूरे देश में दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झालमुड़ी खाई थी।

